अल्मोड़ा के ऊंचे पहाड़ों से आज भी सुनाई देती है महावीर की महिमा. वहां आज भी मौजूद है वो मंदिर, जहां बैकुंठ धाम जाने से पहले राम औऱ हनुमान का हुआ मिलन और जहां हनुमान को मिला था चिरंजीवी होने का वरदान.