मोक्ष की नगरी गया का नाम एक राक्षस के नाम पर पड़ा था. गया पर पालनहार विष्णु जी का आशीर्वाद ही नहीं बरसता बल्कि इसे मिला हुआ है परमपिता ब्रह्मा जी का वरदान भी. लेकिन इस वरदान की वजह से धर्म का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया था.