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10तक: मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को देखें हैं जाति-धर्म के आधार पर, क्या यही है नया भारत?

10तक: मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को देखें हैं जाति-धर्म के आधार पर, क्या यही है नया भारत?

एक तरफ ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ी जाति-धर्म से ऊपर मेडल जीतकर नाम रोशन करते हैं तो प्रधानमंत्री नए भारत की संकल्पना रखते हैं. लेकिन प्रधानमंत्री की नया भारत की सोच को कमजोर करते हैं टी राजा सिंह जैसे बीजेपी विधायक जो देश का नाम रोशन कर चुकी सानिया मिर्जा को मुसलमान-पाकिस्तान और देश के लिए पदक जीतने वाली पी वी सिंधु को हिंदू-हिंदुस्तान के नजरिए से देखते हैं. नए भारत की सोच की दुश्मन है वो सामाजिक और राजनीतिक कुंठा जिसे हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया की जाति दिखती है. देखें 10तक.

On one hand, Indian players bring glory by winning medals above caste and religion, while PM Modi envisions a new India and on the other hand BJP MLAs like T Raja Singh, see Sania Mirza as Muslim, Pakistan and PV Sindhu as Hindu, Hindustan perspective. This social and political bluntness is the biggest enemy of the idea of New India. Watch 10Tak.

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