ओडिशा के बलांगीर जिले से एक बेहद चौंकाने और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चिप्स के एक पैकेट में हुए विस्फोट ने आठ साल के मासूम बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी . टिटलागढ़ थाना क्षेत्र के शागरदघाट गांव में सोमवार को हुए इस हादसे में एक बच्चा अपनी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए खो बैठा .
जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्चा लब हरपाल का बेटा है . वह गांव की एक दुकान से चिप्स का पैकेट खरीदकर घर लौटा था . शाम को ट्यूशन से लौटने के बाद वह चिप्स खाने जा रहा था . उसी समय उसकी मां भानुमति हरपाल रसोई में खाना बना रही थीं . गैस चूल्हा जल रहा था और वह कुछ देर के लिए पानी लाने बाहर चली गईं .
बताया गया कि इसी दौरान बच्चा हाथ में चिप्स का पैकेट लेकर गैस चूल्हे के पास चला गया . अचानक पैकेट उसके हाथ से फिसलकर आग के संपर्क में आ गया और तेज धमाके के साथ फट गया . विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसका असर सीधे बच्चे के चेहरे पर पड़ा . धमाके से बच्चे की आंख में गंभीर चोट आई और आंख पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई .
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर मां रसोई में दौड़ी आईं, जहां उन्होंने बेटे को खून से लथपथ हालत में देखा . आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे . डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि आंख की चोट इतनी गहरी है कि उसे बचाया नहीं जा सकता और बच्चा उस आंख से कभी देख नहीं पाएगा . यह सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा .
आंसुओं में डूबी मां भानुमति हरपाल ने कहा कि उन्होंने बेटे को बिस्कुट लाने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन वह चिप्स लेकर आया . उन्होंने सवाल उठाया कि बच्चों के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पाद इतने खतरनाक कैसे हो सकते हैं कि आग के संपर्क में आते ही बम की तरह फट जाएं . उन्होंने यह भी कहा कि आठ साल तक बच्चे को पालने के बाद उसकी आंख की रोशनी चले जाना उनके लिए असहनीय है . घटना से आक्रोशित परिजनों ने टिटलागढ़ थाने में चिप्स बनाने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है . पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है . पुलिस का कहना है कि उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेट की सामग्री और विस्फोट की वजह की गहन जांच की जाएगी.