MP News: सीधी जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर जमोड़ी इलाके के काशीहावा गांव में शनिवार की सुबह एक भीषण त्रासदी में बदल गई. मजदूरी कर परिवार पालने वाले रामरतन साकेत के मिट्टी के घर में बिजली के पोल से हुए शॉर्ट सर्किट ने ऐसी आग पकड़ी कि उनके तीन छोटे बच्चों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
शनिवार सुबह करीब 11:20 से दोपहर 1 बजे के बीच यह हादसा हुआ. घटना के वक्त बच्चों के पिता रामरतन साकेत सीधी शहर में मजदूरी करने गए थे, जबकि मां पास की राशन दुकान पर गई हुई थी. बच्चे घर के अंदर थे और घर बाहर से बंद था.
पुलिस के अनुसार, पास के बिजली के पोल से शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी मिट्टी-खपरैल के घर पर गिरी. आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद तीनों बच्चे उसमें फंस गए.
डेढ़ साल की मासूम भी शामिल
इस अग्निकांड में रामरतन साकेत की पूरी दुनिया उजड़ गई. मृतकों में संध्या साकेत (6 वर्ष), नागेंद्र साकेत (3 वर्ष) और रिद्धि साकेत (1.5 वर्ष) शामिल है.
ग्रामीणों ने बताया कि जब तक वे आग बुझाने के लिए दौड़े और लपटों पर काबू पाने की कोशिश की, तब तक मासूम दम तोड़ चुके थे. ग्रामीणों ने दमकल विभाग पर भी देरी से पहुंचने का आरोप लगाया है.
मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया गहरा शोक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है.
CM यादव ने पीड़ितों को 2-2 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया. इसके अलावा, म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देगी. प्रशासन सीधी की ओर से 5-5 हजार रुपये के मान से 15 हजार रुपए अंत्येष्टि सहायता राशि और 20-20 हजार रुपए जिला रेडक्रास सोसाइटी सीधी की ओर से तत्काल सहायता राशि परिजन को दे दी गई है.
शॉर्ट सर्किट या लापरवाही?
जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. शुरुआती जांच में बिजली के पोल से शॉर्ट सर्किट होना ही आग का कारण माना जा रहा है. हालांकि, पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.