मध्य प्रदेश के खरगोन में निजी स्कूल की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां स्कूल प्रबंधन की गलती का खामियाजा 23 छात्रों को भुगतना पड़ा. भीकनगांव स्थित श्री गायत्री विद्यापीठ हायर सेकेंडरी स्कूल ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल में जमा नहीं कराई. इसका नतीजा यह हुआ कि 12वीं के 10 छात्र अंग्रेजी का पहला पेपर नहीं दे सके.
स्कूल के खिलाफ अभिभावकों का प्रदर्शन
मामले के सामने आते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. सैकड़ों अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. देर रात तक हंगामा चलता रहा. इस घटना के बाद 23 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है और अब सभी की नजर माध्यमिक शिक्षा मंडल के फैसले पर टिकी है.
छात्रों का कहना है कि उन्हें परीक्षा से ठीक एक दिन पहले पता चला कि उनकी परीक्षा फीस जमा नहीं हुई है. 12वीं के छात्र पीयूष दिलावरे ने बताया कि वो जेईई की तैयारी भी कर रहे हैं, लेकिन अंग्रेजी का पेपर नहीं दे सके. उनका कहना है कि अगर उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला तो उनका पूरा साल बर्बाद हो सकता है. वहीं छात्रा उज़्मा खान, जो नीट की तैयारी कर रही हैं उन्होंने कहा कि सालभर की मेहनत के बाद परीक्षा से वंचित होना बेहद दुखद है. उन्होंने बोर्ड से आगे की परीक्षाओं में बैठने की अनुमति देने की मांग की है.
स्कूल प्रबंधन की गलती से खतरे में छात्रों का भविष्य
अभिभावकों का आरोप है कि उन्होंने समय पर पूरी फीस स्कूल में जमा कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा. कई अभिभावकों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से विशेष अनुमति देने की मांग की है.
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र ने स्वीकार किया कि स्कूल ने 23 छात्रों की फीस समय सीमा में जमा नहीं की थी. मंडल ने देर से फीस स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. हालांकि अब प्रशासन ने मंडल सचिव को पत्र लिखकर छात्रों को आगे की परीक्षाओं में बैठने की अनुमति देने की मांग की है. साथ ही स्कूल की मान्यता समाप्त करने की भी सिफारिश की गई है.
बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन ने बाद में करीब 3 लाख 73 हजार रुपये का चालान जमा किया, लेकिन तब तक अंग्रेजी का पेपर हो चुका था. अब बड़ा सवाल यही है कि क्या इन छात्रों को विशेष अनुमति मिलेगी या एक तकनीकी गलती उनके पूरे साल पर भारी पड़ेगी.