मध्य प्रदेश के इंदौर में एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गैंग ZOOM ऐप के माध्यम से किराए पर गाड़ियां लेकर उन्हें बेच देते थे. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दस कारें बरामद की हैं. इसी के साथ इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, यह मामला इंदौर के परदेशीपुरा इलाके का है. इस गैंग का खुलासा तब हुआ, जब भवन सक्सेना नाम के व्यक्ति ने परदेशीपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई. फरियादी ने बताया कि वह अपनी कार ZOOM ऐप पर रजिस्टर्ड कर किराए से चलवाते हैं.

हाल ही में सदर बाजार निवासी मोइनुद्दीन नामक व्यक्ति ने ऐप के जरिए उनकी कार बुक की. कुछ समय बाद मोइनुद्दीन ने गाड़ी की समय सीमा एक दिन और बढ़ाने की बात कही, जिससे फरियादी को शक हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की.
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पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि मोइनुद्दीन और उसका साथी हनीफ मिलकर कारों को किराए पर लेकर उन्हें गांव खेड़े और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते दामों पर बेच देते थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 10 वाहन बरामद किए हैं, जिनमें बलेनो, स्विफ्ट, और अन्य कारें शामिल हैं.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की नजर ऐसे वाहन मालिकों पर होती थी, जो ZOOM ऐप या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी गाड़ियां किराए पर उपलब्ध कराते हैं. फिलहाल पुलिस इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है. पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित रैकेट हो सकता है, जो ऑनलाइन कार रेंटल सिस्टम का दुरुपयोग कर ठगी को अंजाम दे रहा था. इस मामले में पूछताछ की जा रही है.