scorecardresearch
 

72 साल की महिला का देहदान, MP सरकार ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाई

MP News: इंदौर की 72 वर्षीय विनिता खांडेकर का देहांत हो गया था. उनके बेटे राहुल खांडेकर और पति राजाराम खांडेकर ने मेडिकल एजुकेशन और मानवता के लिए देहदान करने का निर्णय लिया.

Advertisement
X
विनिता खांडेकर के देहदान पर राजकीय सम्मान.(Photo:ITG)
विनिता खांडेकर के देहदान पर राजकीय सम्मान.(Photo:ITG)

इंदौर में देहदान करने वाली 72 साल की महिला को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मरणोपरांत गार्ड ऑफ ऑनर दिया. पुलिस कर्मियों ने शहर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सेंटर में सीनियर अफसरों की मौजूदगी में विनीता खांडेकर  को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया और उनका शरीर एजुकेशन और रिसर्च के लिए मेडिकल इंस्टीट्यूशन को सौंप दिया गया. 

बॉडी डोनेशन कैंपेन में शामिल एक NGO 'मुस्कान ग्रुप' के एक्टिविस्ट जीतू बगानी ने बताया कि खांडेकर की मंगलवार को ब्रेन से जुड़ी समस्या के कारण मौत हो गई. खांडेकर की आखिरी इच्छा के अनुसार उनके परिवार ने कानूनी फॉर्मैलिटी पूरी करने के बाद मानवता की भलाई के लिए उनका शरीर दान करने का फैसला किया. 

 इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के डॉ. जीएस पटेल ने बताया कि मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए देहदान और अंगदान जीवन का सबसे महान दान है. मुख्यमंत्री यादव का गार्ड ऑफ ऑनर का यह निर्णय निश्चित ही अधिक से अधिक लोगों को अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करेगा. इसके माध्यम से अनेक लोगों को नया जीवन प्राप्त होगा. इंडेक्स समूह के चेयरमैन सहित चिकित्सकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों के निर्णय  को समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया.

Advertisement

बता दें कि राज्य सरकार ने उन लोगों को 'गार्ड ऑफ ऑनर' के रूप में राजकीय सम्मान देने का फैसला किया है जो मरणोपरांत अपना शरीर और अंग दान करते हैं. 

'गार्ड ऑफ ऑनर' के दौरान वर्दी पहने पुलिसकर्मी या सैनिक अपने हथियार के साथ एक लाइन में खड़े होते हैं. गार्ड को लीड कर रहे ऑफिसर के कमांड पर स्क्वाड के सदस्य उस व्यक्ति के प्रति सम्मान दिखाने के लिए अपने हथियार सैल्यूट पोज़िशन में उठाते हैं. 

सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार, 'गार्ड ऑफ ऑनर' आमतौर पर स्पेशल और वेरी स्पेशल कैटेगरी के लोगों के लिए रिज़र्व होता है.  

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement