मध्यप्रदेश में 5 फरवरी से 25 फरवरी तक सरकार द्वारा विकास यात्रा निकाली जा रही है. इसी बीच श्योपुर जिले में ग्राम पंचायत बर्धाबुजुर्ग की सरपंच के पति की फेसबुक पोस्ट पर बवाल मच गया. पति की पोस्ट पर एक्शन लेते हुए जिला पंचायत सीइओ ने सरपंच पत्नी को धारा 40 का नोटिस जारी कर दिया.
इस एक्शन पर सरपंच के सर्मथक भड़क गए और प्रशासन के खिलाफ लामबंद होकर विकास यात्रा के विरोध करने की तैयारी की बात कर रहे हैं. वहीं, सरपंच संगठन के बुलावे पर भाजपा के बड़े नेता ने भी सरपंच और सरपंच प्रतिनिधियों से चर्चा की. बाद में कलेक्टर ने भी नोटिस को गलत माना और नोटिस निरस्त करने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला ठंडा पड़ा.
दरअसल, बर्धा बुजुर्ग की सरपंच का नाम नीतू जाट है. उनके पति कप्तान राणा ने 10 फरवरी की सुबह फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा, ''काले झंडे की करो तैयारी, आ रहे हैं कमीशन धारी.'' इस पोस्ट में कहीं भी विकास यात्रा का जिक्र नहीं था, लेकिन जिला पंचायत सीइओ ने 10 फरवरी की शाम कप्तान राणा की सरपंच पत्नी को पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 का नोटिस जारी कर दिया.
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नोटिस पर मचा हंगामा
नोटिस जारी होने के बाद सरपंच संगठन में हंगामा मच गया. शनिवार की सुबह सरपंच संगठन के बैनर तले सरपंच और सरपंच प्रतिनिधि जनपद श्योपुर के सामने पार्क में जुटे और बैठक की. इस दौरान सरपंचों ने बड़े भाजपा नेताओं को भी बुलाया.
सरपंचों ने कहा कि, ''पहली बात तो कप्तान राणा ने अपनी पोस्ट में कहीं भी विकास यात्रा का उल्लेख नहीं किया और दूसरा उनकी पोस्ट पर उनकी सरपंच पत्नी को नोटिस देना सीधे तौर पर भाजपा नेताओं के दबाव में की गई कार्रवाई है.''
यह भी कहा कि ग्राम पंचायत बगडुआ के सरपंच रामरूप मीणा को भी एक अन्य नोटिस जारी किया गया है, वो भी गलत है. भाजपा नेताओं से सरपंचों ने कहा कि या तो इन नोटिसों को निरस्त किया जाए अन्यथा हम आंदोलन करेंगे और विकास यात्रा का विरोध करेंगे.
सरपंच पति कप्तान राणा ने दी सफाई
ग्राम पंचायत बर्धा बुजुर्ग की सरपंच के पति कप्तान राणा ने कहा, ''मैंने अपनी पंचायत में पिछले कार्यकाल में हुए कार्यों की गड़बड़ियों को लेकर शिकायत की हुई है, लेकिन उनका कोई निराकरण नहीं हो रहा है. मेरी पोस्ट भी उसी को लेकर थी, जबकि मैंने विकास यात्रा का पोस्ट में कोई उल्लेख नहीं किया, लेकिन मेरी पत्नी को नोटिस जारी कर दिया गया.''
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कही यह बात
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान का कहना है कि कप्तान राणा ने अपनी पोस्ट में विकास यात्रा का कोई जिक्र नहीं किया और उसकी सरपंच पत्नी को नोटिस जारी किया गया, जो गलत है और हम इसी गतिरोध को दूर करने आए हैं. सरपंचों में विकास यात्रा का कहीं कोई विरोध नहीं है.
जारी नोटिसों को परीक्षण के बाद निरस्त करने का आश्वासन
सरपंच संगठन की नाराजगी और भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने सरपंचों को जारी किए गए नोटिसों को परीक्षण के बाद निरस्त करने का आश्वासन दिया है.