मध्य प्रदेश के इंदौर में विरोध प्रदर्शन के दौरान देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के कुलगुरु की कार में रोक लगाने और उन्हें जबरन नीचे उतारने के आरोप में एक पूर्व कांग्रेस नेता और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
एडीसीपी आनंद यादव ने बताया, "कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई (59) की सरकारी कार को यूनिवर्सिटी कैंपस में रोका गया और 17 मई को कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें जबरन वाहन से बाहर निकाला गया."
कुलगुरु ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पूर्व कांग्रेस नेता अजय चौरड़िया ने यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों दीपक सोलंकी और सोहेल परवेज की इस कृत्य में मदद की.
शिकायत में कहा गया है कि सिंघई को उनके आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने से रोका गया और जब वह अपनी कार से बाहर निकले तो उन्हें धमकाने का प्रयास किया गया.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि चौरड़िया, सोलंकी और परवेज के खिलाफ रविवार देर रात भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 (गलत तरीके से रोकना), 221 (सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना), 351 (आपराधिक धमकी) और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय के स्व-वित्तपोषित संस्थान कर्मचारी संघ के सदस्यों ने नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था.