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Dhar Bhojshala LIVE: धार की भोजशाला में आज एक साथ बसंत पंचमी की पूजा और जुमे की नमाज, 8 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात

aajtak.in | धार | 23 जनवरी 2026, 9:54 AM IST

Dhar Bhojshala Dispute LIVE Updates: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार (जुमे की नमाज) एक ही दिन पड़ने से असमंजस जैसी स्थिति बन गई थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने समय और स्थान के बंटवारे का एक विशेष फॉर्मूला तय कर शांतिपूर्ण समाधान निकाल लिया है. आज मौके पर बसंत पंचती की पूजा और नमाज दोनों हो रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों को प्रेयर करने का फैसला सुनाया है. (File Photo: ITG) सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों को प्रेयर करने का फैसला सुनाया है. (File Photo: ITG)

Dhar Bhojshala Row: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित 11वीं सदी के विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में शुक्रवार को बसंत पंचमी की पूजा भारी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए पूजा और नमाज के लिए समय निर्धारित किया है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने आदेश दिया कि हिंदू समुदाय को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की अनुमति होगी, जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच नमाज अदा कर सकेंगे. 

प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस, आरएएफ और सीआरपीएफ सहित करीब 8,000 जवानों को तैनात किया है. पूरे परिसर की निगरानी 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों और 10 ड्रोनों के जरिए की जा रही है. शांति बनाए रखने के लिए नमाजियों की लिस्ट पहले ही प्रशासन को सौंप दी गई है. एजेंसी के मुताबिक, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं और वे इस व्यवस्था पर सहमत हैं.

भोजशाला-कमल मौला मस्जिद से जुड़े सभी लेटेस्ट अपडेट्स के LIVE ब्लॉग पर बने रहें.
 

9:54 AM (20 मिनट पहले)

Dhar Bhojshala Dispute LIVE: अब तक साइट को कैसे मैनेज किया गया है?

Posted by :- Sakib

पिछले 23 सालों से एक एडमिनिस्ट्रेटिव व्यवस्था लागू है, जिसके तहत हिंदुओं को मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की इजाज़त है. मुसलमानों को साइट पर शुक्रवार की नमाज़ पढ़ने की इजाज़त है. इस सिस्टम ने काफी हद तक रोज़ाना के झगड़ों को रोका है, लेकिन जब बड़े हिंदू त्योहार शुक्रवार को पड़ते हैं, तो परेशानियां सामने आती हैं.

9:16 AM (58 मिनट पहले)

Dhar Bhojshala Row: भोजशाला-कमल मौला मस्जिद विवाद क्या है?

Posted by :- Sakib

भोजशाला ASI द्वारा संरक्षित एक स्मारक है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह परमार राजा भोज के वक्त से है. इस जगह पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय अपना दावा करते हैं.

मुस्लिम मान्यता: मुस्लिम समुदाय इस संरचना को सूफी संत कमालुद्दीन के नाम पर कमल मौला मस्जिद मानता है और दावा करता है कि वहां सदियों से लगातार नमाज़ पढ़ी जा रही है और इस दावे का खंडन करता है कि यह मूल रूप से एक हिंदू मंदिर था.

हिंदू मान्यता: हिंदू भोजशाला को देवी वाग्देवी (सरस्वती) को समर्पित मंदिर मानते हैं, जिसके लिए वे संस्कृत शिलालेखों, मंदिर जैसी मूर्तियों और वास्तुकला की विशेषताओं का हवाला देते हैं और दावा करते हैं कि यहां बहुत पहले से मंदिर थी.

यह विवाद सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक भी है, जिसमें विरासत, पुरातत्व और पूजा की निरंतरता की अलग-अलग व्याख्याएं शामिल हैं.

9:16 AM (58 मिनट पहले)

Dhar Bhojshala Row: दो दशक से हो रही है नमाज और पूजा

Posted by :- Sakib

पिछले 23 साल से चले आ रहे एक इंतज़ाम के तहत, ASI हिंदुओं को मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की इजाज़त देता है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज़ पढ़ने की इजाज़त है.

साल 2016 में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी थी, जिससे विवादित जगह पर नमाज़ के वक्त को लेकर धार में विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुई थीं.

8:55 AM (एक घंटा पहले)

Dhar Bhojshala Dispute: दोनों पक्षों ने कोर्ट में रखी थी मांग

Posted by :- Sakib

भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन सरस्वती पूजा करने के लिए अधिकारियों से इजाज़त मांगी थी, जबकि मुस्लिम समुदाय ने दिन के महत्व का हवाला देते हुए दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज़ पढ़ने की मंज़ूरी के लिए एक ज्ञापन सौंपा था.
 

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8:43 AM (एक घंटा पहले)

SC on Bhojshala case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों पक्षों ने क्या कहा?

Posted by :- Sakib

भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे सूर्योदय से सूर्यास्त तक निरंतर पूजा जारी रखेंगे. वहीं, कमल मौला नमाज इंतजामिया कमेटी के जल्फिकार पठान ने भी शांति बनाए रखने की अपील करते हुए फैसले को सर्वसम्मति से स्वीकार किया है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस संतुलित फैसले का स्वागत किया है. एएसआई की 2003 की व्यवस्था के मुताबिक, यहां मंगलवार को हिंदू पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज अदा करते आए हैं.

 
8:42 AM (एक घंटा पहले)

Dhar Bhojshala Row: सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ड्रोन से निगरानी

Posted by :- Sakib

एसपी मनीष अवस्थी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8,000 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिनमें महिला पुलिस इकाइयां भी शामिल हैं. भोजशाला की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और हर वाहन की बारीकी से जांच हो रही है. सोशल मीडिया पर भी चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, जिससे कोई अफवाह न फैले. परिसर के अंदर सरस्वती पूजा के लिए भगवा झंडों और रंगोली से सजावट की गई है.
 

8:42 AM (एक घंटा पहले)

Dhar Bhojshala Dispute Live: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक हस्तक्षेप और फॉर्मूला

Posted by :- Sakib

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पांचोली की बेंच ने आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की. कोर्ट ने साफ किया कि एक ही परिसर के अंदर नमाज के लिए एक अलग और विशेष जगह आवंटित की जाएगी, जिससे दोनों धार्मिक गतिविधियां बिना किसी टकराव के संपन्न हो सकें. कोर्ट ने 7 अप्रैल 2003 के एएसआई (ASI) के आदेश को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था दी है.
 

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