मध्य प्रदेश में सरकार भले ही बीजेपी की हो लेकिन बीजेपी के ही विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देते नजर आ रहे हैं. मामला भिंड की लहार विधानसभा सीट का है. यहां से भाजपा विधायक अंबरीश शर्मा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ रविवार को धरना दिया. उन्होंने कहा, 'फूंकेंगे तो पाकिस्तान में जाकर गिरोगे'. लहार के भाटन ताल पर यह धरना दिया गया. इस दौरान भाजपा विधायक ने जनता को संबोधित करते हुए बयान दिया कि लहार की जनता और विधायक दोनों ही असहाय और अनाथ हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लहार विधायक को परेशान करने के लिए जानबूझकर यहां पर जो अधिकारी भेजे जा रहे हैं ऐसा नहीं चलेगा.
विधायक ने यहां तक कह दिया कि कुछ ऐसे अधिकारी कांग्रेस विचारधारा के हैं और कुछ गुप्त में ऐसे नेता हैं जो सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को भ्रमित कर रहे हैं. इसके साथ ही विधायक ने लंबी लड़ाई के लिए जनता का समर्थन लेते हुए ताल ठोक दी. यह पूरा घटनाक्रम रविवार को लहार के भाटन ताल पर सामने आया.
पौने दो साल से धरना
भाटन ताल पर तकरीबन पौने दो साल से धरना प्रदर्शन चल रहा है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह की कोठी को लेकर यह धरना प्रदर्शन चल रहा है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष पर आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति की बस्ती के लिए जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण करके उस रास्ते को बंद कर दिया है. इसी रास्ते को खुलवाने की मांग करते हुए भाटन ताल पर पौने दो साल से धरना प्रदर्शन चल रहा है. यह मामला कोर्ट में भी पहुंचा है.
लहार से भाजपा विधायक अंबरीश शर्मा रविवार को इसी धरने स्थल पर पहुंच गए. यहां पर उनके साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौजूद थे. अंबरीश शर्मा ने अपने समर्थकों और लहार की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि लहार की जनता और लहार का विधायक दोनों ही असहाय और अनाथ हैं. ऐसा कहकर उन्होंने सीधे तौर पर अपनी ही सरकार को घेरने की कोशिश की.
विधायक को परेशान करने का आरोप
लहार विधायक यही नहीं रुके. उन्होंने आगे बोलते हुए जनता से कहा कि विधायक को परेशान करने के लिए जानबूझकर अधिकारी भेजे जा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं चलेगा. विधायक ने आगे कहा कि हम लहार की जनता पर अत्याचार नहीं होने देंगे. इसके लिए लड़ाई लड़नी पड़ेगी. विधायक ने इसमें जनता का समर्थन भी मांगा और जनता से अपील की के आगे की लड़ाई लड़ने के लिए अपने साथ 100 - 200 लोग प्रत्येक व्यक्ति लेकर आए. इसके साथ ही विधायक ने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों की तरह लहार की जनता पर अत्याचार हो रहा है.
बिजली विभाग आतंकवादियों की तरह कार्रवाई कर रहा
विधायक ने कहा कि लहार में रेत उत्खनन के काम को तीन भागों में बांट दिया है. भिंड और मेहगांव में तो रेत उत्खनन का कार्य किया जा रहा है लेकिन लहार में रेत उत्खनन का कार्य शुरू नहीं किया गया है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि बिजली विभाग द्वारा आतंकवादियों की तरह कार्रवाई की जा रही है. पूरे के पूरे गांव की लाइट काट दी जाती है. रात के वक्त घरों में घुसकर कनेक्शन काट दिया जाता है. लहार की जनता पर अत्याचार हो रहा है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह द्वारा जो अनुसूचित जाति के रास्ते पर अतिक्रमण किया गया है उसे भी अभी तक प्रशासन द्वारा नहीं हटाया गया है.
उन्होंने कहा कि मैं अपनी बात सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखी लेकिन कांग्रेस विचारधारा के अधिकारियों और जो नेता कांग्रेस का समर्थन करते हैं उन्होंने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को भ्रमित कर दिया है. इसी भ्रम को दूर करने के लिए आज यहां धरने पर आया हूं. लहार विधायक द्वारा इस तरीके का धरना प्रदर्शन साफ तौर पर सरकार की मुश्किलें बढ़ने वाला है.
लहार विधायक ने जिस तरीके के बयान दिए हैं इस से जाहिर होता है कि वे अपने ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं. हालांकि रविवार की रात तक लहार विधायक द्वारा यह धरना खत्म कर दिया गया. बताया जा रहा है की हाई कमान से मिली समझाईश के बाद विधायक द्वारा यह धरना समाप्त किया गया. लेकिन विधायक द्वारा इस तरीके से धरना देने के मामले से एक बात साफ हो गई है कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है.