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मीराबाई के संघर्ष को बयां करती ‘रंग राची’ का होगा लोकार्पण

अगर आप मीराबाई के जीवन संघर्ष को बेहतर तरीके से जानना चाहते हैं तो जल्द ही ‘रंग राची’ किताब के रूप में आपके पास एक विकल्प उपलब्ध होगा. मीराबाई की संघर्ष-यात्रा को केंद्र में रखकर लिखे उपन्यास ‘रंग राची’ का लोकार्पण सोमवार को दिल्ली के मंडी हाउस स्थित साहित्य अकादमी सभागार में शाम 5 बजे होगा. ‘रंग राची’ उपन्यास को सुधाकर अदीब ने लिखा है.

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रंग राची बुक का कवर
रंग राची बुक का कवर

अगर आप मीराबाई के जीवन संघर्ष को बेहतर तरीके से जानना चाहते हैं तो जल्द ही ‘रंग राची’ किताब के रूप में आपके पास एक विकल्प उपलब्ध होगा. मीराबाई की संघर्ष-यात्रा को केंद्र में रखकर लिखे उपन्यास ‘रंग राची’ का लोकार्पण सोमवार को दिल्ली के मंडी हाउस स्थित साहित्य अकादमी सभागार में शाम 5 बजे होगा. ‘रंग राची’ उपन्यास को सुधाकर अदीब ने लिखा है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ आलोचक नामवर सिंह करेंगे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वनाथ त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि सत्य नारायण समदानी के अलावा मशहूर कथाकार चंद्रकांता और अनामिका मीराबाई की संघर्ष यात्रा पर अपने विचार श्रोताओं से साझा करेंगीं. किताब लोकभारती प्रकाशन से प्रकाशित है.

मीराबाई के बारे में लेखक के विचार...
मीराबाई के बारे में सुधाकर अदीब लिखते हैं, 'मीरा को साधु-संतों, भक्तों और जनसाधारण में नारायण का वास दिखता था. वह एक ऐसी स्त्री थीं जो कि एक राजकुल में जन्मीं और दूसरे राजकुल में ब्याही गईं. उन्होंने सामंती व्यवस्था का वैभव व तिरस्कार दोनों भोगा, सहा और उसे तृण सम त्याग दिया. कृष्ण तो स्वयं मीरा के भीतर समाए हुए थे.'

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