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सच के कितने करीब होती है कविता? आजतक के मंच पर दिग्गज कवयित्रियों के साथ चर्चा

सच के कितने करीब होती है कविता? आजतक के मंच पर दिग्गज कवयित्रियों के साथ चर्चा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'साह‍ित्य आजतक 2026' का मंच सज चुका है. दूसरे दिन 'सच और झूठ के बीच कविता' सेशन में कवयित्रियों- सुशीला पुरी और पल्लवी विनोद ने शिरकत की. दोनों ने कविताओं में कल्पनाशीलता और सच के बीच करीबी या अंतर पर अपनी बातें रखीं. देखें वीडियो.

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