उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अंबेडकर मेमोरियल पार्क, गोमती नगर में आयोजित शब्द और सुरों के मेले 'साहित्य आजतक-लखनऊ' के मंच पर 'कलाम मैं शुक्र ए खुदा है की रोशनाई है' सेशन में आईएएस एवं कवि आशुतोष अग्निहोत्री, पवन कुमार ने शिरकत की. इस दौरान आशुतोष अग्निहोत्री ने कहा कि कविता का भाव जगत कई स्तरों पर होता है. भगवान हनुमान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हनुमान की विनम्रता ने उन्हें बहुत प्रभावित किया. इस दौरान उन्होंने भगवान राम के साथ हनुमान को याद करते हुए अपनी लिखी कविता प्रस्तुत की.
प्रभु में डूबा प्रभु का ध्यानी,
कपि है, कवि है या मुनि, ज्ञानी
जहां राम हैं, वहीं भक्त हैं,
भक्तों में जो सर्व शक्त हैं,
अतुल, विपुल बल, संयम धारी
नीति चतुर, विद्या अधिकारी,
जिसके बिन खुद राम अधूरे
जिसकी महिमा मही जानती,
जिसके अंदर राम जानकी!
जिसके राम काज का प्रण ले
विजय सुनिश्चित करनी ठानी!
प्रभु में डूबा, प्रभु का ध्यानी
वहीं, आईएएस एवं कवि पवन कुमार ने कहा कि 'जय हनुमान' और रामायण का जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने भी शायरी की कुछ पंक्तियां सुनाईं.
उसी पर छोड़ दूं मैं फैसला तो, मगर समझे वो पहले मुद्दा तो
यकीनन हिचकियां तो हमको भी आतीं, हमारी याद में कोई जागता तो
दिखाकर पीठ दुश्मन बच गया फिर, कसक ये है पलटकर देखता तो