दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित शब्द-सुरों के महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2023' के दूसरे दिन भी साहित्य से लेकर सिनेमा और लेखक से लेकर राजनीति के दिग्गजों ने हिस्सा लिया. सत्र 'सूफियाना महफिल' में प्रख्यात सूफी गायक डा. ममता जोशी ने अपनी जादुई आवाज और संगीत से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया.
देश-विदेश में अपनी गायकी के जरिए धाक जमाने वाली ममता जोशी ने कार्यक्रम की शुरुआत अब्बास ताबिश की गजल "इतना आसाँ नहीं मसनद पे बिठाया गया मैं, शहर-ए-तोहमत तिरी गलियों में फिराया गया मैं" से की. इसके बाद उन्होंने कई गीत और गजलों की प्रस्तुति से माहौल सूफियाना कर दिया.
संगीत की शुरुआत उन्होंने 'क़ासिद की उम्मीद है यारो क़ासिद तो आ जाएगा' से की. इस दौरान उन्होंने संत कबीर की रचनाओं का भी गायन किया. इसके अलावा उन्होंने जलालुद्दीन रूमी के लिखे संगीत का भी गायन किया.
झूमने पर मजबूर हुए दर्शक
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में जब 'हो लाल मेरी पत रखियो बला.. दमा दम मस्त कलंदर, अखियां उडीक दिया, तुम एक गोरखधंधा हो, हजरत अमीर खुसरो की रचना 'आज रंग है ऐ माँ रंग है री, मेरे महबूब के घर रंग है री' जैसे सूफी गीत गूंजे तो वहां मौजूद दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए.
26 नवंबर तक चलेगा कार्यक्रम
शब्द-सुरों का महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2023' शुक्रवार से दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में शुरू हो चुका है. साहित्य आजतक कार्यक्रम के छठे संस्करण को और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है. शुक्रवार को मेजर ध्यानचऺद नेशनल स्टेडियम में इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ इंडिया टुडे समूह की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने किया.
यह कार्यक्रम तीन दिन तक यानी 26 नवंबर तक चलेगा. इस कार्यक्रम में साहित्य, कला, फिल्म और संगीत जैसे क्षेत्रों से जुड़े 300 से ज्यादा दिग्गज शामिल हो रहे हैं.
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कार्यक्रम स्थल- मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली
तारीख- 24, 25 और 26 नवंबर, 2023
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