तनु वेड्स मनु, रांझणा और जीरो जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके दिग्गज फिल्म निर्देशक आनंद एल राय ने साहित्य आज तक में शिरकत की. 1 से 3 नवंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में आनंद एल राय ने 'हमारे युग का रांझणा' सेशन के दौरान मॉड्रेटर नेहा बाथम से बातचीत की. आनंद ने अब तक जितनी भी फिल्में बनाई हैं उनमें ज्यादातर प्रेम की अनूठी कहानियां हैं.
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बातचीत के दौरान आनंद से जब पूछा गया कि उनकी फिल्मों में सभी हीरो इतना टूट कर प्यार कैसे करते हैं और कैसे वह प्यार के मामले में इतनी डिटेलिंग फिल्मों में डाल पाते हैं तो इसका उन्होंने एक बड़ा ही दिलचस्प जवाब दिया. आनंद ने कहा, "मैंने अपनी जिंदगी में हमेशा टूट कर प्यार करना चाहा लेकिन मैं शर्मीला था. इसलिए कभी नहीं कर पाया. इसलिए शायद मैं अपनी फिल्मों के जरिए उसे निकालने की कोशिश कर रहा हूं."साहित्य आजतक की पूरी कवरेज यहां देखें
क्यों की रांझणा के लिए धनुष की कास्टिंग-
बात करें जबरदस्त रोमांटिक फिल्म रांझणा के बारे में तो आनंद ने बताया कि वह एक ऐसा हीरो चाहते थे जो कुंदन (फिल्म के किरदार) की तरह सामान्य हो और उसी पागलपन के साथ प्यार को पर्दे पर उतार पाए. आनंद ने कहा, "एक ऐसा एक्टर जो अपने आप को आम समझ सके. बहुत कॉमन समझ सके. यह हर किसी के बस की बात नहीं है. एक्टर नहीं कर पाते उनका ईगो उनके आड़े आ जाता है. हालांकि ये संभव है कितना भी खूबसूरत एक्टर हो वो अगर चाहे तो खुद को आम महसूस कर सकता है."