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e-साह‍ित्य आजतक: प्रसून जोशी बोले- प्रकृति के साथ इंसानी रिश्तों पर दोबारा सोचने की जरूरत

e-साह‍ित्य आजतक: प्रसून जोशी बोले- प्रकृति के साथ इंसानी रिश्तों पर दोबारा सोचने की जरूरत

आजतक के मंच पर साहित्य के स‍ितारों का महाकुंभ जारी है. साह‍ित्य आजतक के ड‍िज‍िटल संस्करण e-साह‍ित्य आजतक के मंच पर दूसरे दिन गीतकार प्रसून जोशी ने शिरकत की. इस दौरान प्रसून जोशी ने कहा कि लॉकडाउन ने प्रकृति के साथ हमारे रिश्तों को नई दृष्टि से देखने का मौका दिया. मानव कब प्रतिस्पर्धा में लगा. उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान कई प्रश्न सामने आए हैं. संसाधनों के भोग, अति भोग के बीच आदमी फंसा है. प्रसून जोशी ने कहा कि प्रकृति के साथ हमें हमारे रिश्तों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है. और क्या बोले गीतकार प्रसून जोशी, जानने के लिए देखिए वीडियो.

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