e-साहित्य आजतक में भारतीय लेखिका चित्रा मुद्गल हमारे साथ जुड़ीं. उन्होंने कोरोना वायरस के बारे में एंकर रोहित सरदना से बात की.
चित्रा मुद्गल ने बताया कि कैसे वे इन दिनों कुछ भी लिखने में समर्थ हो गई हैं. हर बात में उन्हें चीजों में उदासी फैली नजर आ रही है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चीन से आया ये वायरस सभी को परेशान कर रहा है और इसके लिए इतिहास चीन को माफ नहीं करेगा.
घर में खुद को बंद महसूस कर रही हैं चित्रा
चित्रा मुद्गल ने कहा कि मैं घर में अपने आप को बंद महसूस कर रही हूं. बाहर वायरस है और मुझे ऐसे घर में रहने की आदत नहीं है. मैं कुछ लिख भी नहीं पा रही हूं यही एक लेखक के जीवन की विडम्बना होती है.
विडम्बना हमें इस वायरस के रूप में भी मिली है, जिसकी वजह से हमें ऐसे रहना पड़ रहा है. चीन को इतिहास इसके लिए कभी मांग नहीं करेगा. इस स्थिति में रहना और इससे आगे बढ़ना मुश्किल होने वाला है.