scorecardresearch
 

लेखक चेतन भगत को पीएम मोदी में दिखती हैं ये तीन खामियां

असल में चेतन भगत, अंजना ओम कश्यप से इस बारे में बात कर रहे थे कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सोच को रखने के बाद आपको निशाना बना लिया जाता है. उन्होंने कहा कि खराब वाले अच्छे को नहीं सुनते और अच्छे, बुरे को नहीं सुनते.

Advertisement
X
चेतन भगत
चेतन भगत

e-साहित्य आजतक में भारत के मशहूर लेखक चेतन भगत ने शिरकत की. e-साहित्य आजतक के मंच पर चेतन भगत ने एंकर अंजना ओम कश्यप से बातचीत की. उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी साहित्य जगत से लेकर ट्विटर पर होनी वाली राजनैतिक तकरार और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में बातें की. ऐसे में चेतन ने ये भी बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी में क्या खामियां लगती हैं.

मोदी में हैं 3 खामियां

असल में चेतन भगत, इस बारे में बात कर रहे थे कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सोच को रखने के बाद लोग लिखने वाले को निशाना बना लेते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग खराब बोल रहे होते हैं वो अच्छे को नहीं सुनते और अच्छाई करने वाले बुराई करने वाले को नहीं सुनते.

चेतन ने आगे कहा- उदाहरण के तौर पर अगर आप मोदी को पसंद करते हैं तो आपको उनकी 3 खामियां भी पता होनी चाहिए. और अगर मोदी को बुरा मानते हैं तो आपको उनकी 3 अच्छी बातें भी पता होनी चाहिए. तब मैं मानूंगा कि आपको राजनीति के बारे में पता है. अच्छा और बुरा हम सबमें होता है.

इसपर चेतन से सवाल किया गया कि उन्हें मोदी में 3 खामियां कौन सी लगती है? चेतन ने कहा- मैं बता सकता हूं इसमें कोई हिचकने वाली बात नहीं है. देश में मोदी की सेंट्रलाईस्ड कमांड है. उन्हें कोई सुझाव नहीं देता. कोई उनसे अलग नहीं सोचता. अगर मोदी गलत फैसले लेते हैं तो भी उन्हीं के हैं और अच्छे फैसले लेते हैं तो भी उन्हीं के. ऐसे में अगर बदलाव लाया जाना हो तो वो नहीं होता. अब प्रवासी मजदूरों के हाल को ही देख लीजिए.

Advertisement



चेतन ने आगे कहा- मैंने मानता हूं कि एक ही आदमी पर पूरे देश की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए. लोगों में चीजें बंटी होनी चाहिए. अगर कोई बात कही जाए तो उसमें सुझाव दिए जाने चाहिए, ताकि गलतियां ना हों. सरकार को प्रेस कांफ्रेंस करनी चाहिए. अब कुछ छुपाने को नहीं है. उन्हें अपनी गलती को ठीक करना चाहिए.



चेतन ने ये भी कहा- मोदी ने इकॉनमी पर ध्यान नहीं दिया. GDP के लिए उन्होंने नीतियां बनाई गईं लेकिन उससे कुछ नहीं हुआ. GDP ऊपर नहीं गया और उसका खामियाजा आज हम भुगत रहे हैं. दुनिया के हाल इस समय बुरे हैं लेकिन हमारे उनसे ज्यादा बुरे हाल हैं. हम नहीं बोलेंगे तो देश कैसे बदलेगा. चमचा गिरी से क्या ही बदलाव आएगा.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement