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कोरोना वॉरियर्स के नाम प्रसून जोशी का संदेश, उनका तिरस्कार नहीं तिलक करें

प्रसून जोशी ने कहा कि मुझे बहुत अफसोस होता है ये सोचकर की जो लोग नि: स्वार्थ भाव से काम करते हैं. उन लोगों को नमन करने की जगह हम उनसे लड़े. या उनके साथ को-ऑपरेट नहीं करें तो ये भावना मुझे समझ नहीं आती है.

प्रसून जोशी प्रसून जोशी

गीतकार, स्क्रीनराइटर और कवि प्रसून जोशी ने शनिवार को e-साहित्य आजतक कार्यक्रम में कोरोना वॉरियर्स को सलाम किया. साथ ही प्रसून जोशी ने कहा कि कोरोना वॉरियर्स का तिरस्कार नहीं तिलक करें. उनका सम्मान करें.

प्रसून जोशी ने कहा- 'मुझे बहुत अफसोस होता है ये सोचकर की जो लोग निस्वार्थ भाव से काम करते हैं. उन लोगों को नमन करने की जगह हम उनसे लड़े. या उनके साथ को-ऑपरेट नहीं करें तो ये भावना मुझे समझ नहीं आती है. क्योंकि सबके अपने परिवार हैं. हमें ये सोचना होगा कि जो हमारे सर्विस प्रोवाइडर हैं, हमारे जीवन से जुड़े हैं जैसे डॉक्टरों, पुलिसवालों और नर्स उन सबके अपने भी परिवार हैं. उनके भी बच्चे हैं. बच्चे उन्हें बाहर खतरे में काम करते हुए देख कहते होंगे पापा आप बाहर क्यों जा रहे हो, बाहर तो खतरा है. मगर फिर भी वे लोग काम पर आते हैं. मास्क लगाकर हमारी मदद करते हैं. '


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कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करें-प्रसून
'वो अगर शायद नहीं होते तो हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि किस तरह का जीवन हमारे सामने होता. उनका हम कैसे तिरस्कार कर सकते हैं? हम सबको उनका सहयोग करना चाहिए. किसी पर दोषारोपण से काम नहीं चलेगा. हम लोगों को मिलकर काम करना होगा. हम में से कोई भी इससे अछूता नहीं है. ये लड़ाई हम सब की लड़ाई है. ये किसी खास वर्ग या व्यक्ति विशेष पर संकट नहीं है बल्कि ये मानव जीवन पर संकट है. हमें साथ में लड़ने की जरुरत है.'

बता दें कि ई-साहित्य आजतक में प्रसून जोशी ने कोरोना के खिलाफ जंग को लेकर अपना लिखा एक खास गीत भी पेश किया.

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