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30 साल तक महिला को नहीं मिला परफेक्ट पार्टनर, ऐसे पूरी हुई प्रेग्नेंसी की ख्वाहिश

इंग्लैंड की एक महिला ने प्रेग्नेंसी के लिए एक अलग ही रास्ता अपनाया. 'द मिरर' को दिए इंटरव्यू में महिला ने अपनी प्रेंग्नेंसी की पूरी कहानी बताई है. डेनियल बटल नाम की महिला ने बताया कि परफेक्ट पार्टनर की तलाश में वो 30 साल तक अकेली रही और आखिरकार उसने बिना लाइफ पार्टनर के ही प्रेग्नेंट होने का फैसला किया.

डेनियल बटल ने प्रेग्नेंसी के लिए स्पर्म डोनर का सहारा लिया (Photo Credit- Danielle Buttle) डेनियल बटल ने प्रेग्नेंसी के लिए स्पर्म डोनर का सहारा लिया (Photo Credit- Danielle Buttle)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रेग्नेंसी के लिए स्पर्म डोनर का सहारा
  • सिंगल मदर से खुश महिला
  • बताई प्रेग्नेंसी की कहानी

मां बनना हर महिला के लिए सबसे बड़ा सुख होता है. बच्चे के लिए वो अपने पति के साथ तरह-तरह की प्लानिंग भी करती हैं. हालांकि इंग्लैंड की एक महिला ने प्रेग्नेंसी के लिए एक अलग ही रास्ता अपनाया. 'द मिरर' को दिए इंटरव्यू में महिला ने अपनी प्रेंग्नेंसी की पूरी कहानी बताई है. डेनियल बटल नाम की महिला ने बताया कि परफेक्ट पार्टनर की तलाश में वो 30 साल तक अकेली रही और आखिरकार उसने बिना लाइफ पार्टनर के ही प्रेग्नेंट होने का फैसला किया. 

डेनियल ने बताया, 'मैं मां बनने के सुख को अनुभव करना चाहती थी. पिछले कुछ सालों से मैं एक परफेक्ट पार्टनर की तलाश में थी लेकिन मुझे कोई नहीं मिला. मैं अपने दोस्तों से मजाक करती थी कि लगता है कि मुझे स्पर्म डोनर का सहारा लेकर अकेले ही प्रेग्नेंट होना पड़ेगा. फिर मुझे लगा कि इस मजाक को सच में भी तो बदला जा सकता है. मैंने फेसबुक पर सिंगल मॉम बाई च्वॉइस का एक ग्रुप ज्वॉइन किया. मैंने अपना फर्टिलिटी टेस्ट कराया और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया. मेरे इस निर्णय में मेरे परिवार ने पूरा साथ दिया.'

'मैंने स्पर्म बैंक से एक फिट और स्मार्ट स्पर्म डोनर चुना और नवंबर 2020 में IVF कराया. व्यवहार से भी वो डोनर बहुत अच्छा और केयरिंग था. IVF में मेरे एग्स फर्टिलाइज्ड हो चुके थे. इसके बाद फर्टिलाइज्ड एग्स को मेरे ओवरी में ट्रांसफर किया गया. 11 दिनों के इंतजार के बाद आखिरकार मुझे खुशखबरी मिल गई कि मैं प्रेग्नेंट हूं. मुझे भरोसा ही नहीं हो रहा था. ये मेरे जिंदगी का सबसे सही निर्णय था. 

'मेरी प्रेग्नेंसी बहुत अच्छी रही लेकिन 36वें हफ्ते में मुझे डायबिटीज हो गई और डॉक्टर ने जल्द ही मेरी डिलीवरी कराने का फैसला किया. आखिरकार मेरा सपना पूरा हुआ. मेरे हाथों में मेरा छोटा से बेटा रॉबिन था. पहली बार उसे देखना मेरे लिए अद्भुत अनुभव था, मेरा परिवार अब पूरा हो चुका था. मैं लगातार अपने बच्चे को देख रही थी क्योंकि मुझे भरोसा ही नहीं हो रहा था कि ये मेरा बच्चा है. मैं अपने बच्चे को जरूर बताउंगी कि वो इस दुनिया में कैसे आया. मैं अपने अकेले रहने के फैसले से बहुत खुश हूं.'

 

 

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