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गोरा होने के लिए लगाते हैं क्रीम, तो हो जाएं सावधान!

आजकल कुछ लोग ऐसी स्किन क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पारा पाया जाता है. लोग इन क्रीम को चेहरे पर लगाते हैं या इंजेक्शन से त्वचा के अंदर भी पहुंचाते हैं ताकि अपनी त्वचा को गोरा बना सकें, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि पारा युक्त क्रीम के प्रयोग से गंभीर स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

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आजकल कुछ लोग ऐसी स्किन क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें पारा पाया जाता है. लोग इन क्रीम को चेहरे पर लगाते हैं या इंजेक्शन से त्वचा के अंदर भी पहुंचाते हैं ताकि अपनी त्वचा को गोरा बना सकें, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि पारा युक्त क्रीम के प्रयोग से गंभीर स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि अब लोग पारायुक्त क्रीमों की पहले से कहीं अधिक तेजी से पहचान कर सकते हैं. कैलिफोर्निया के लोक स्वास्थ्य विभाग के गोर्डन व्रदोलजक ने कहा, ‘अमेरिका में उत्पादों में पारे की सीमा प्रति दस लाख में एक भाग है.’ उन्होंने कहा, ‘विषैले उत्पादों की पहचान करना एक धीमी प्रक्रिया रही है. इसलिए हमने एक ऐसा उपकरण बनाया, जिसके जरिए एक्स-रे की तरंगों के माध्यम से सौंदर्य उत्पादों में मौजूद पारे की पहचान की जा सकती है.'

उन्होंने कहा, ‘पुरानी तकनीक से जहां एक उत्पाद की जांच करने में कई दिन लग जाते थे, वहीं नई तकनीक से एक दिन में 20 से 30 नमूनों का परीक्षण हो जाता है.’ उन्होंने बताया कि ऐसे उत्पादों की पहचान करके हम लोगों को जागरुक करते हैं कि वे उन उत्पादों का इस्तेमाल न करें.

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