जिन लोगों के खान-पान में विटामिन और ओमेगा 3 वसा अम्लों की भरपूर मात्रा होती है, उनमें मस्तिष्क संकुचन का खतरा कम होता है. मस्तिष्क संकुचन या दिमाग की सिकुड़ना अल्जाइमर रोग से जुड़ा हुआ है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने 'न्यूरोलॉजी' पत्रिका के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित अध्ययन के हवाले से कहा कि जो लोग अपने भोजन में ओमेगा 3 वसा अम्ल और विटामिन सी, डी, ई, और बी का सेवन करते है, वे इन पोषक तत्वों का सेवन न करने वाले लोगों की तुलना में मानसिक सोच परीक्षण (मेंटल थिंकिंग टेस्ट) में ज्यादा बेहतर अंक प्राप्त करने में सफल रहे.
विशेषज्ञों ने बताया कि ओमेगा 3 वसा अम्ल और विटामिन डी मुख्य रूप से मछली में पाए जाते हैं और विटामिन बी, सी और ई मुख्यत: फलों और सब्जियों से मिलते हैं.
अध्ययन के दौरान एक अन्य खोज में पाया गया कि जिन लोगों के आहार में ट्रांस फेट्स की अधिकता थी, उनमें मस्तिष्क संकुचन का खतरा अधिक पाया गया. साथ ही ऐसे लोगों को सोच और स्मृति परीक्षण में भी ट्रांस फेट्स का कम मात्रा में सेवन करने वाले लोगों की तुलना में कम अंक मिले.
इस प्रकार का वसा मुख्यत: डिब्बाबंद खाद्य पदार्थो, फास्ट फूड, तले और जमे हुए भोजन में पाया जाता है.
अध्ययन में 87 वर्ष की औसत उम्र के 104 लोगों को शामिल किया गया था. प्रत्येक सहभागी के रक्त में पोषक तत्वों के स्तर का पता लगाने के लिए खून की जांच भी की गई.
कुल सहभागियों में से 42 का मस्तिष्क विस्तार मापने के लिए एमआरआई स्कैन भी किया गया. अध्ययन के परिणामों के मुताबिक सहभागियों में अच्छी पोषण स्थिति तो पाई गई लेकिन सात प्रतिशत में विटामिन बी12 और 25 प्रतिशत में विटामिन डी की कमी पाई गई.