scorecardresearch
 

शिफ्ट ड्यूटी करने वाली महिलाओं में मधुमेह का खतरा

दिन और रात की शिफ्ट ड्यूटी करने वाले लोगों, खासकर महिलाओं में दूसरी श्रेणी का मधुमेह होने का ज्यादा खतरा होता है.

X
महिलाओं में मधुमेह
महिलाओं में मधुमेह

दिन और रात की शिफ्ट ड्यूटी करने वाले लोगों, खासकर महिलाओं में दूसरी श्रेणी का मधुमेह होने का ज्यादा खतरा होता है.

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्यययन में कहा गया है कि शिफ्टों में ड्यूटी करने वाले लोगों के कुछ ही सालों में मधुमेह की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इससे उनका भोजन पैटर्न बाधित होता है और वे उपयुक्त नींद भी नहीं ले पाते हैं. इस वजह से उनका वजन बढ़ जाता है और वे मधुमेह को न्‍योता दे बैठते हैं.

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि दूसरी श्रेणी के मधुमेह में हृदयरोग, हृदयाघात, वृक्क विफलता और अंधता समेत कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

डेली मेल के अनुसार इस अध्ययन के अगुवा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. फ्रांक हू ने कहा, 'जोखिम में वृद्धि बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन यह उल्लेखनीय है और इसका गंभीर स्वास्थ्य परिणाम होता है. खासकर यह देखने पर कि 20 फीसदी कर्मचारी दिन और रात की शिफ्ट में बारी-बारी कार्यरत हैं.'

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें