वैसे तो प्यार कोई भी रंग-रूप नहीं देखता है. इसके बावजूद रंग-रूप का असर प्रेम संबंध और 'रिलेशनशिप' पर पड़ता है. कभी-कभी तो अपने पार्टनर के शरीर पर काला-काला तिल भी दिल की धड़कन अचानक तेज कर देता है.
गालों, होठों, गर्दन या अन्य किसी भी भाग पर तिल खूबसूरती में पुरजोर इजाफा कर देता है. यही वजह है कि तिल की चर्चा महर्षि वात्स्यायन की कालजयी रचना 'कामसूत्र' में भी मिलती है. मॉर्डन फिल्मकारों ने भी तिल को पूरा भाव देते हुए कई गीत सुपरहिट कराए. 80 के दशक के गीत 'गालों पे मेरे जो तिल का निशान है, आशिकों की चाहत है, शायरों की जान है...' तिल की अहमियत को बयां करने के लिए काफी है.
वैसे कुल मिलाकर यह छोटा-सा तिल प्यार की आग को भड़काने में अच्छा रोल अदा करता है, इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं है.