scorecardresearch
 
Advertisement
लाइफस्टाइल

कैसे बनते हैं धोनी के स्पेशल ग्लव्स? ऐसे चढ़ा हाथों पर आर्मी का रंग

कैसे बनते हैं धोनी के स्पेशल ग्लव्स? ऐसे चढ़ा हाथों पर आर्मी का रंग
  • 1/6
विश्व कप 2019 में अपने पहले ही मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की. हालांकि यह मैच टीम इंडिया की जीत से ज्यादा विकेटकीपर एमएमस धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स के लिए याद रखा जाएगा. इस मैच में धोनी सेना के ‘बलिदान बैज’ लगे हुए ग्लव्स पहनकर खेले थे. आइए आपको बतातें हैं कौन सी कंपनियां धोनी के लिए स्पेशल ग्लव्स डिजाइन करती हैं और उनके ग्लव्स कलेक्शन की खासियत क्या है.
कैसे बनते हैं धोनी के स्पेशल ग्लव्स? ऐसे चढ़ा हाथों पर आर्मी का रंग
  • 2/6
खेल का सामान बनाने वाली कंपनियां स्पार्टन और सन्सपैरील्स ग्रीनलैंड (एसजी) ही धोनी के स्पेशल विकेटकीपिंग ग्लव्स डिजाइन करती हैं. ग्लव्स के डिजाइन में धोनी अपने हिसाब से किसी भी तरह का बदलाव करवा सकते हैं.
कैसे बनते हैं धोनी के स्पेशल ग्लव्स? ऐसे चढ़ा हाथों पर आर्मी का रंग
  • 3/6
ग्लव्स पर लकी नंबर-7
धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स पर आपने पहली बार भारतीय सेना का बलिदान बैज देखा होगा. माही के ग्लव्स पर इससे पहले उनका लकी नंबर 7 दिखाई देता था. उनकी टी-शर्ट से लेकर कार और बाइक पर यह नंबर आसानी से देखा जा सकता है.
Advertisement
कैसे बनते हैं धोनी के स्पेशल ग्लव्स? ऐसे चढ़ा हाथों पर आर्मी का रंग
  • 4/6
धोनी का ग्लव्स कलेक्शन-
धोनी का ग्लव्स कलेक्शन काफी बड़ा है. करियर की शुरुआत में धोनी विकेट के पीछे ऑरेंज कलर के ग्लव्स पहने नजर आते थे. उस वक्त धोनी के ग्लव्स सरीन स्पोर्ट्स (एसएस) कंपनी डिजाइन करती थी. धोनी ने करीब चार साल तक इसी तरह के ग्लव्स का इस्तेमाल किया.
कैसे बनते हैं धोनी के स्पेशल ग्लव्स? ऐसे चढ़ा हाथों पर आर्मी का रंग
  • 5/6
धोनी के फेवरेट आर्मी ग्लव्स-
साल 2008 में धोनी पहली बार सेना के डिजाइन वाले ग्लव्स में नजर आए थे. इसके बाद धोनी के हाथों पर सेना के डिजाइन वाले ग्लव्स का ऐसा रंग चढ़ा कि उन्होंने फिर कभी इसे उतरने नहीं दिया. धोनी को ग्लव्स में कोई दूसरा डिजाइन पसंद ही नहीं आया और इस तरह फैंस इसे धोनी स्पेशल विकेटकीपिंग ग्लव्स कहने लगे.
कैसे बनते हैं धोनी के स्पेशल ग्लव्स? ऐसे चढ़ा हाथों पर आर्मी का रंग
  • 6/6
कैसे बनते हैं धोनी के ग्लव्स-
धोनी के स्पेशल विकेटकीपिंग ग्लव्स कई खास चीजों से बने होते हैं. ग्लव्स में धोनी की उंगलियों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस फाइबर मैटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है. ग्लव्स के कैचिंग प्वॉइंट पर रबड़ की मोटी परत होती है जिससे गेंद की रफ्तार का हाथों पर कोई असर नहीं होता. ग्लव्स में फ्लेक्सिब्लिटी के लिए एक रबड़ ग्रिप दिया जाता है जिससे हाथ को पूरा खोलने में कोई दिक्कत नहीं होती. ग्लव्स के ऊपरी हिस्से पर चमड़े की मोटी परत होती है जिससे स्टंप्स को छूने पर उन्हें कोई तकलीफ न हो.
Advertisement
Advertisement