योग और नमाज के बारे में मौलाना जुबैर नदवी कहते हैं, "नमाज अल्लाह की इबादत है, योग नहीं. लेकिन दोनों के फायदे हैं. नमाज में जो प्रक्रियाएं हैं, उसे ध्यान से देखने पर पता चलता है कि नमाज सेहत के लिए कितनी मुफीद है. योग तो व्यक्ति पूरे दिन में एक बार करता है, जबकि नमाज दिन में पांच बार है. सुबह सूरज निकलने के पहले से लेकर डूबने और सोने से पहले तक नमाज पढ़ी जाती है."