Weight loss: अक्सर लोग वजन कम करने के लिए खुद को भूखा रखते हैं या सिर्फ कैलोरी गिनने में उलझे रहते हैं लेकिन राज शमामी पॉडकास्ट में एक हेल्थ कोच ने बताया है कि यह तरीका पूरी तरह सही नहीं है. हर इंसान का शरीर अलग तरह से काम करता है इसलिए एक जैसी कैलोरी लेने पर भी दोनों का वजन अलग-अलग कम होगा या बढ़ेगा. बिना जिम में घंटों पसीना बहाए या कड़े डाइट प्लान के आप सिर्फ अपनी डाइट में 1 अहम बदलाव करके भी अपना वेट लॉस कर सकते हैं. वो तरीका क्या है, ये भी जान लीजिए.
किन चीजों पर डिपेंड करता है वेट लॉस
हेल्थ कोच अनंत अंग्रवाल ने पोडकास्ट में कहा, 'कैलोरी को केवल एक एनर्जी की यूनिट के रूप में देखना गलत है क्योंकि हमारा शरीर एक 'बॉम्ब कैलोरीमीटर' नहीं है जो काउंट कर लेगा कि कितनी कैलोरी बर्न हुईं. बल्कि हमारा शरीर एक काफी बड़ा हार्मोनल सिस्टम है. वजन इस पर निर्भर करता है कि आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन, विटामिन D3, B12 और पेट के बैक्टीरिया की स्थिति कैसी है. यही कारण है कि कई लोग बहुत कम खाने के बावजूद वजन कम नहीं कर पाते क्योंकि उनके हार्मोन और मेटाबॉलिज्म सही से काम नहीं कर रहे होते.'
प्रोटीन अधिक खाएं
कोच अनंत कहते हैं, 'सभी लोगों को बाकी चीजों को भूलकर सिर्फ प्रोटीन पर ध्यान देना चाहिए. यदि आप दिन भर में लगभग 100-150 ग्राम प्रोटीन लेते हैं तो आपका शरीर 'थर्मोजेनेसिस' प्रक्रिया के जरिए खुद-ब-खुद अधिक कैलोरी बर्न करता है. प्रोटीन न केवल पेट को लंबे समय तक भरा रखता है बल्कि मसल्स गेन में भी मदद करता है. शरीर में जितने अधिक मसल्स होंगे, मेटाबॉलिज्म उतना ही तेज होगा और फैट बर्न करना भी उतना ही आसान होगा.'
हेल्थ टेस्ट भी कराएं
वजन न घटने के पीछे छिपे कारणों को जानने के लिए वीडियो में कुछ टेस्ट की भी सलाह दी गई है जैसे कि MTHFR टेस्ट और गट माइक्रोबायोम टेस्ट. ये टेस्ट बताते हैं कि आपका शरीर विटामिनों को सोख पा रहा है या नहीं. इसके अलावा, अर्ली कैंसर डिटेक्शन और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए रेगुलर डायग्नोस्टिक्स को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया गया है, जितना कि सही खान-पान.