Vegetarian that help reduce uric acid: यूरिक एसिड एक वेस्ट पदार्थ है जो शरीर की ओर से प्यूरीन को तोड़ने पर बनता है, जो रेड मीट, सीफूड और एल्कोहल जैसे फूड्स में पाया जाता है. किडनी यूरिक एसिड को छानकर यूरिन के जरिए बाहर निकालती है. जब हमारे शरीर में यूरिक एसिड का लेवल ज्यादा होता है तो किडनी इसे फिल्टर नहीं कर पाती, तो यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों में दर्द, किडनी की पथरी, किडनी डैमेज, इंफ्लेमेशन, जोड़ों में अकड़न, डायबिटीज और मोटापे जैसे मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्याएं होती है.
ऐसा कहा जाता है कि हेल्दी लाइफस्टाइल जीने और सही फूड्स खाने से यूरिक एसिड को नेचुरल रूप से कम करने में मदद मिल सकती है. विटामिन सी यूरिक एसिड के लेवल को कम कर सकता है. साथ ही, गाउट से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट में खट्टे फल और विटामिन सी से भरपूर चीजें शामिल करने से मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं इन फूड्स के बारे में-
चेरी- चेरी में एंथोसायनिन होता है, जो यूरिक एसिड के प्रोडक्शन को रोकता है और शरीर से एक्स्ट्रा यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करता है. साथ ही, ये कंपाउंड जोड़ों में इंफ्लेमेशन को भी कम करते हैं, दर्द और सूजन को रोकते हैं. चेरी एक नेचुरल ड्यूरेटिक के रूप में भी काम करती है, जिससे किडनी को यूरिक एसिड को फ़िल्टर करने और बाहर निकालने में मदद मिलती है. और चेरी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ों में दर्द और सूजन को कम करते हैं और गाउट को तेज़ी से ठीक होने में मदद करते हैं. चेरी में मौजूद विटामिन सी यूरिक एसिड को तोड़ने और खत्म करने में मदद करता है.
नींबू- नींबू जैसे खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो किडनी फंक्शनिंग को बढ़ाकर यूरिक एसिड के लेवल को कम करने में मदद करते हैं. कहा जाता है कि ये जोड़ों में यूरिक एसिड क्रिस्टल को घोलने में मदद करते हैं, जिससे गाउट के हमलों को रोका जा सकता है. नींबू शरीर को एल्कलाइन बनाने में मदद करता है, जबकि संतरे में विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है और वो हाइड्रेटिंग होते हैं, और मीठा नींबू यूरिक एसिड को कम के साथ ही पाचन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा, खट्टे फलों में नेचुरल साइट्रेट होते हैं, जो किडनी में यूरिक एसिड के निर्माण को रोकते हैं. ये यूरिन के जरिए एक्स्ट्रा यूरिक एसिड को बाहर निकालने में भी मदद करते हैं, जिससे किडनी में पथरी का खतरा कम होता है.
खीरा- खीरे में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, प्यूरीन कम होता है और ये ज़रूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो इसे यूरिक एसिड को बाहर निकालने में कारगर बनाती हैं. खीरे का सेवन डायबिटीज की रोकथाम और मैनेजमेंट में जरूरी हो सकता है. इसके अलावा, तोरई और टमाटर जैसी सब्जियां यूरिक एसिड के निर्माण को रोकने में मदद करती हैं, जिससे गाउट और किडनी स्टोन का खतरा कम होता है.
ग्रीन टी- ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (EGCG) होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो यूरिक एसिड के उत्पादन को कम करता है. और ग्रीन टी के पॉलीफेनॉल्स हाई यूरिक एसिड (गाउट) के कारण होने वाली जोड़ों की सूजन और इंफ्लेमेशन को कम करते हैं. यह एक एल्कलाइन इफेक्ट के लिए भी जाना जाता है, जो शरीर में यूरिक एसिड को बैलेंस करने में मदद करता है.
अलसी के बीज- अलसी के बीज एक सुपरफूड है जो अपने एंटी इंफ्लेमेटरी गुण और डिटॉक्सिफाइंग गुणों के लिए जाना जाता है. ये हाई यूरिक एसिड (गाउट) के कारण जोड़ों में सूजन को कम करके यूरिक एसिड के लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं. ये जोड़ों में क्रिस्टल बनने से रोकने में भी मदद करते हैं, जिससे दर्द और सूजन कम होती है. अलसी के बीजों में लिग्नान और फाइबर भी होते हैं, जो किडनी हेल्थ का सपोर्ट करते हैं और यूरिन के जरिए यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करते हैं. अलसी में घुलनशील फाइबर गट में यूरिक एसिड को बांधने में मदद करता है, जिससे ब्लड फ्लो में इसके अवशोषण को रोका जा सकता है.