टाइप 2 डायबिटीज की समस्या तब होती है जब पैनक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन काफी कम मात्रा में करते हैं. इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन होता है जो खून में ग्लूकोज के लेवल को कंट्रोल में रखता है. टाइप 2 डायबिटीज में ब्लड ग्लूकोज खतरनाक लेवल पर पहुंच जाता है. फिर जब इंसुलिन अपना काम सही से नहीं कर पाता तो ग्लूकोज रक्त कोशिकाओं में इकट्ठा होना शुरू हो जाती है. टाइप 2 डायबिटीज तब होती है जब शरीर चीनी को संसाधित करने की क्षमता खो देता है या फिर शरीर इंसुलिन का इस्तेमाल करने में असमर्थ होता है. ऐसे में आपकी डाइट ही ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकती है. रिसर्च के मुताबिक, एक टेस्टी ड्रिंक डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है. वह ड्रिंक कौन सी है, इस बारे में भी जान लीजिए.
क्या कहती है रिसर्च
करंट डेवलपमेंट्स इन न्यूट्रीशन जर्नल में पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक, लगभग 236 मिली (आठ औंस) अनार के जूस पीने वाले लोगों में ब्लड शुगर की कमी देखी गई थी. इस रिसर्च में 21 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया था. रिसर्च में शामिल लोगों को अनार का जूस या पानी मिली अनार की ड्रिंक पीने के लिए दी गई थी.
रिसर्च में शामिल वॉलेंटियर्स को उनके फास्टिंग सीरम इंसुलिन के लेवल के आधार पर दो समूहों में बांटा गया. रिसर्चर्स ने पाया कि जिन लोगों ने अनार के रस का सेवन किया था उनकी ब्लड शुगर में कमी देखी गई. लो फास्टिंग सीरम इंसुलिन वाले लोगों की ब्लड शुगर मात्र 15 मिनट में कम हो गई थी.
रिसर्चर्स ने निष्कर्ष निकाला कि अनार के रस में मौजूद कंपाउंड लोगों के ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल कर सकते हैं. अनार के रस में एंटीऑक्सीडेंट काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा अनार में एंथोसायनिन अधिक पाया जाता है जो कि उसके रंग को गहरा लाल करते हैं. यह एंटीऑक्सिडेंट चीनी और इंसुलिन लेवल को रोकने में प्रभावी होता है. हालांकि अनार के रस और ब्लड शुगर लेवल के पीछे का मैकेनिज्म पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं इसलिए इसके प्रभावों को और अधिक जानने के लिए रिसर्च की जरूरत है.
जर्नल न्यूट्रीशन रिसर्च में पब्लिश रिसर्च में पाया गया था कि अनार के जूस का रंग गहरा होता है इसलिए फास्टिंग सीरम ग्लूकोज को कम करने और टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद मिली.
टाइप 2 डायबिटीज के मुख्य लक्षण (Symptoms of type 2 diabetes)
- सामान्य से अधिक पेशाब आना
- हर समय प्यास लगना
- बहुत थकान महसूस होना
- अचानक वजन कम होना
- प्राइवेट पार्ट के आसपास खुजली
- घाव का धीरे ठीक होना
- स्पष्ट दिखाई ना देना
यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण से पीड़ित हैं तो डायबिटीज का जोखिम हो सकता है. सही जानकारी के लिए डॉक्टर से मिलें और शुगर की जांच कराएं.
(Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है. किसी भी चीज को फॉलो करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.)