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सिर्फ दांत दर्द के लिए ही नहीं, लौंग के हैं और भी कई फायदे

खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही लौंग के कई फायदे हैं. न केवल लौंग की कलियां बल्क‍ि लौंग का तेल भी कई तरह की बीमारियों में औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

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भारतीय मसालों में अपनी खास जगह रखने वाला लौंग अपनी गंध और तेज स्वाद के लिए जाना जाता है. लौंग की कलियां, लौंग के सदाबहार पौधे के फूलों की सूखी कलियां होती हैं.

खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही लौंग के और भी कई फायदे हैं. न केवल लौंग की कलियां बल्क‍ि लौंग का तेल भी कई तरह की बीमारियों में औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

लौंग पोटैशियम, सोडियम, फास्फोरस, आयरन, मैगनीज, फाइबर, आयोडिन, विटामिन के और सी, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, कैल्शियम और मैग्नीशि‍यम का एक अच्छा स्त्रोत है. लौंग की तेज गंध उसमे पाए जाने वाले एक खास तत्व यूजेनॉल की वजह से होती है. आयुर्वेद में लौंग के पौधे के हर भाग का इस्तेमाल बताया गया है.

स्वास्थ्य के लिहाज इसके फायदों के बारे में जानकर आपको भरोसा नहीं हो पाएगा कि इतनी छोटी सी कली में इतने फायदे कैसे हो सकते हैं.

1. प्रेग्नेंसी में
लौंग का इस्तेमाल प्रेग्नेंसी के दौरान सुबह के समय आने वाली मितली या उल्टी में किया जाता है. इस दौरान सुबह के समय कमजोरी महसूस होती है, इसके लिए भी लौंग काफी फायदेमंद है. अगर गर्भवती महिला को उल्टी महसूस हो रही हो तो लौंग की कुछ बूंदों को रूमाल में लगाकर उसे सूंघने से राहत मिलती है. आप चाहें तो लौंग की कुछ कलियों को चबा भी सकती हैं. उल्टी रोकने के लिए लौंग के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर चाटने से राहत मिलती है.

2. दांत दर्द में
अगर आपके दांत में दर्द है तो लौंग एक नेचुरल पेन-किलर है. इसका एंटी-इंफ्लेमैटोरी और एनालजेसिक कॉम्पोनेंट प्रभावित दांत के आस-पास की सूजन को कम करके दर्द में आराम देता है. साथ ही ये अच्छा एंटीसेप्ट‍िक भी है, जिससे संक्रमण फैलने का डर कम हो जाता है. रूई के फाहे को लौंग के तेल में डुबोकर प्रभावित दांत के पास दबा दें. इसके अलावा आप चाहें तो लौंग की दो कलियों को भी चबा सकते हैं.

3. मुंह की दुर्गंध दूर करने में
यह एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है जो मुंह की दुर्गंध को दूर करने में बहुत फायदेमंद है. लौंग उन बैक्टीरिया को मारने का काम करता है जिनसे बदबू पनपती है. साथ ही ये जीभ और तालु को भी साफ करता है. इसकी तेज गंध मुंह की दुर्गंध को कम करने का काम करती है.

4.पाचन में
लौंग में कई पाचक रस मौजूद होते हैं. पाचन क्रिया में ये रस प्रमुख भूमिका निभाते हैं. साथ ही इसमें मौजूद तत्वों से पेट में मौजूद बैक्टीरिया मर जाते हैं. इससे पेट में होने वाले किसी भी प्रकार के संक्रमण का खतरा कम हो जाता है. अगर आप खाने के बाद लौंग की एक या दो कलियों को चबाते हैं तो आपका मुंह तो फ्रेश हो ही जाएगा साथ ही पाचन भी अच्छी तरह होगा.

5. जोड़ों के दर्द में
लौंग का तेल जोड़ो के दर्द में बहुत फायदेमंद होता है. साथ ही पेशियों के दर्द और गठिया में भी ये तेल काफी फायदेमंद साबित होता है. इसमें कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है, जिससे ये जोड़ो को मजबूती देने का काम भी करता है.

6. श्वसन क्रिया में बेजोड़
लौंग का तेल और उसकी कलियां दोनों ही श्वसन क्रिया के लिए बेहद फायदेमंद हैं. साधारण सर्दी-जुकाम, गले की खराश, वायरल इंफेक्शन, अस्थमा, यूबरक्युलोसिस और साइनस में राहत के लिए ये एक अचूक औषधि है.

7. सिर दर्द में
अगर तनाव और सिर दर्द की वजह से आपका सिर फटा जा रहा है तो लौंग का इस्तेमाल आपको राहत दे सकता है. आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि माइग्रेन जैसे भयानक दर्द में भी ये एक कारगर उपाय है. लौंग के तेल की कुछ बूंदों को कपड़े में लगाकर अपने माथे पर रख लें. इसे कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें. आपको जल्दी राहत मिलेगी.

8. कान दर्द में भी फायदेमंद
कान के सामान्य दर्द में भी लौग का इस्तेमाल काफी मददगार साबित हो सकता है. लौंग के तेल को तिल के तेल के साथ मिलाकर हल्का गर्म कर लें. इस तेल में रूई का एक फाहा भिगोकर ईयर कैनाल पर रख दें. इससे दर्द जल्दी कम हो जाएगा.

9. त्वचा संबंधी बीमारियों में
लौंग का इस्तेमाल त्वचा संबंधी कई बीमारियों में भी किया जाता है. ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स, पिंपल्स की रोकथाम में ये काफी मददगार है.

10. तनाव दूर करने में
इसके अरोमा में तनाव को दूर करने की जबरदस्त ताकत होती है.

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