आज के समय में महिलाओं का शरीर सिर्फ बाहरी दुनिया की चुनौतियां ही नहीं संभालता, बल्कि अंदर से भी कई काम करता है. शरीर हार्मोन्स का बैलेंस बनाए रखता है, हड्डियों की रक्षा करता है, मन को सहारा देता है, मां बनने की तैयारी करता है और मेनोपॉज के दौरान शरीर में धीरे-धीरे बदलाव लाता है. फिर भी बहुत सी महिलाएं थकान, इंफ्लेमेशन, इम्बैलेंस या मेंटल स्ट्रेस महसूस करती हैं. इसका कारण कमजोरी नहीं बल्कि पोषण की कमी है, जो शरीर की जड़ों तक नहीं पहुंच पाता.
आयुर्वेद में महिलाओं के शरीर को पवित्र माना गया है जिसे रोजाना पोषित करना जरूरी है. ऐसे में यहां हम आपको कुछ सुपर फूड के बारे में बताने जा रहे हैं जो हम महिला को अपनी डाइट में शामिल करने चाहिए.
1. शतावरी- यह महिलाओं के प्रजनन हेल्थ, मानसिक शांति और हार्मोन बैलेंस में मदद करता है. शतावरी शरीर को ठंडक प्रदान करता है, जो पेट में गर्मी, हैवी पीरियड्स या चिड़चिड़ापन जैसे लक्षणों में फायदेमंद है. इसे गर्म दूध के साथ रात में लेना अच्छा होता है.
2. काला तिल- काले तिल कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं. यह हड्डियों को पोषण देते हैं और हार्मोन बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं. खासकर डिलीवरी के बाद और मेनोपॉज़ के समय महिलाओं के लिए फायदेमंद हैं. इन्हें सब्जियों या चावल के साथ भुना हुआ मसाला बनाकर भी खाया जा सकता है.
3. आंवला- आंवला विटामिन C का काफी अच्छा सोर्स है और बाल, स्किन, इम्यून सिस्टम और पाचन के लिए फायदेमंद है. यह एक्ने वाली स्किन के लिए अच्छा है. रोज सुबह आंवला जूस शक्कर के साथ लेना बालों और स्किन की समस्याओं को कम करता है.
4. रागी- यह कैल्शियम, आयरन और अमीनो एसिड से भरपूर है, जो हड्डियों की मजबूती और अच्छी नींद के लिए जरूरी हैं. मेनोपॉज़ के बाद हड्डियों की कमजोरी में रागी बहुत फायदेमंद है.
5. घी- घी शरीर के ऊतकों को पोषण देता है. यह स्ट्रेस कम करता है, पाचन सुधरता है, ड्राई स्किन की समस्या में मदद करता है. रात को दूध में जायफल मिलाकर घी लेना नींद के लिए लाभकारी है.