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दाभोलकर हत्याकांड: स्वीपर ने की शूटर्स की पहचान, बोला- ऐसा लगा जैसे पटाखे फूटे

नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड के चश्मदीद स्वीकर किरन केशव कांबले ने शनिवार को अपना बयान दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि उन्होंने गोली मारकर दोनों शूटर्स को भागते हुए देखा था.

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नरेंद्र दाभोलकर (file Photo)
नरेंद्र दाभोलकर (file Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति का संचालन करते थे दाभोलकर
  • 20 अगस्त 2013 को हुई नरेंद्र दाभोलकर की हत्या

नौ साल पुराने नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में घटना के चश्मदीद ने आरोपियों की पहचान कर ली है. पुणे नगर निगम (Pune municipal corporation) के स्वीपर किरन केशव कांबले ने घटना को अंजाम देने वाले 2 शूटर्स सचिन अंधरे और शरद केलस्कर की पहचान कर ली है. किरण केशव कांबले (46) शनिवार को पुणे की विशेष अदालत में पेश हुए. सीबीआई की मौजूदगी में उन्होंने दोनों आरोपियों की तस्वीरें पहचान ली हैं.

कांबले ने कोर्ट को बताया कि काम खत्म करने के बाद वह डिवाइडर पर बैठे थे. तभी उन्हें पटाखे फूटने जैसी आवाज सुनाई दी. जब उसने उस दिशा में देखा जहां से आवाज निकल रही थी, तो उसने देखा कि दो लोग एक व्यक्ति को गोली मार रहे हैं. 

फायरिंग के बाद दोनों ही उस दिशा में भागने लगे जहां कांबले बैठे थे. दोनों ही पुलिस चौकी के पास पहुंचे. यहां उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की हुई थी. दोनों ने बाइक किकस्टार्ट की और मौके से फरार हो गए.

कांबले ने आगे बाचाया कि दोनों के जाने के बाद कांबले मौके पर पहुंचे और एक व्यक्ति को देखा. मौके पर एक युवक खून से सना हुआ पड़ा हुआ था. सुनवाई के दौरान सरकारी वकील प्रकाश सूर्यवंशी ने पुलिस के बयान में देरी के बारे में पूछा. उन्होंने बताया कि 23 मार्च को भी सुनवाई जारी रहेगी. 

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सीबीआई को सौंपी थी जिम्मेदारी?

बता दें कि 20 अगस्त 2013 को महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष रहे नरेंद्र दाभोलकर की हत्या कर दी गई थी. बाद में इस संवेदनशील मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी. कोर्ट ने तावड़े, अंदुरे, कालस्कर और भावे पर आईपीसी की धारा 302, 120बी और कुछ दूसरी धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं.

 

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