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Hate Speech: 'माहौल खराब कर रहे ये नफरत भरे बोल', जितेंद्र त्यागी बने वसीम रिजवी की याचिका पर SC की टिप्पणी

जितेंद्र नारायण त्यागी बने वसीम रिजवी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ये नफरत भरे बोल पूरे माहौल को खराब कर रहे हैं.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब
  • त्यागी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है जमानत याचिका

हेट स्पीच का मामला इन दिनों गर्म चल रहा है. हेट स्पीच के मामले में गिरफ्तार धर्म परिवर्तन कर सैयद वसीम रिजवी से जितेंद्र नारायण त्यागी ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. जितेंद्र नारायण त्यागी की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि ये नफरत भरे बोल पूरे माहौल को खराब कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इससे पहले कि वे लोग दूसरों को जागरूक करने के लिए ये सब कहें, उन्हें सबसे पहले अपने आपको संवेदनशील बनाना होगा. कोर्ट ने कहा कि ये बोल बताते हैं कि ऐसी स्पीच देने वाले खुद ही संवेदनशील नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन कर जितेंद्र नारायण त्यागी बने वसीम रिजवी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इस मामले में 17 मई को अगली सुनवाई होगी. दरअसल, जितेंद्र नारायण त्यागी पर हरिद्वार में आयोजित हुई धर्म संसद में इस्लाम और पैगंबर के खिलाफ आपत्तिजनक भाषण देने का आरोप है. जितेंद्र नारायण त्यागी को इस मामले में 13 जनवरी के दिन गिरफ्तार किया गया था.

धर्म संसद में हेट स्पीच के आरोपी जितेन्द्र नारायण त्यागी ने जमानत के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खट-खटाया था. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जितेंद्र नारायण त्यागी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. उत्तराखंड हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद जितेंद्र नारायण त्यागी ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जितेंद्र नारायण त्यागी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

 

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