पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट आज अमृतपाल सिंह के कानूनी सलाहकार इमान सिंह खारा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करेगा. कोर्ट ने उनसे अमृतपाल के अवैध रूप से पुलिस हिरासत में होने के सबूत पेश करने को कहा था. इससे पहले कोर्ट ने 28 मार्च को याचिका पर सुनवाई करते हुए इमान सिंह को यह बताने को कहा था कि अमृतपाल को किस थाने में हिरासत में रखा गया है. हालांकि अमृतपाल ने 29 से 31 मार्च के बीच के अपने दो वीडियो और एक ऑडियो क्लिप शेयर किए थे, जिसे देखने-सुनने से लग रहा है कि वह पुलिस हिरासत में नहीं है.
याचिकाकर्ता का कहना है कि अमृतपाल सिंह को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है. अमृतपाल के परिजनों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है. याचिका में अमृतपाल की जान को लेकर खतरा भी बताया गया है. हाई कोर्ट से उसे अवैध हिरासत से छुड़ाने साथ ही वारंट ऑफिसर नियुक्त करने को लेकर पंजाब सरकार को निर्देश जारी करने की अपील की है.
इस मामले में 29 मार्च को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा था कि हम हर तरह का आदेश देने के लिए तैयार हैं, लेकिन याचिकाकर्ता पहले इस बात का सबूत दें कि अमृतपाल को पुलिस ने अवैध तरीके से हिरासत में रखा है और पुलिस ने उसे कहां रखा है.
अमृतपाल के साथ 'प्रधानमंत्री' को HC की पड़ी ड़ांट
पिछले हफ्ते हाई कोर्ट में अमृतपाल के साथी प्रधानमंत्री बाजोके की गिरफ्तारी को लेकर दाखिल हैबियस कॉर्पस पर सुनवाई की थी. बाजोके का वकील भी इमाम सिंह खारा है. इस मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने वकील को फटकार लगाते हुए हैबियस कॉर्पस पर ही सवाल उठा दिए थे. पूछा था कि उन्होंने किस आधार पर यह याचिका दायर की गई? उन्होंने पूछा था कि वह असम हाई कोर्ट क्यों नहीं गए? उनकी पिटीशन का ग्राउंड ठीक नहीं है.
कोर्ट ने कहा था कि अमृतपाल के साथी बाजोके पर एनएसए लगा हुआ है, उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है, ऐसे में यह याचिका क्यों लगाई गई? किस आधार पर असम जेल अधीक्षक को पार्टी बनाया गया है. क्या वकील को बेसिक कानून की भी जानकारी नहीं है.
HC ने भगवंत मान सरकार को भी लगाई थी फटकार
पंजाब सरकार ने 21 मार्च को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को बताया था कि अमृतपाल अभी फरार है. इस पर हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि पंजाब सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल है. उसने पूछा था कि 80 हजार पुलिस वाले क्या कर रहे थे? पूरे ऑपरेशन की योजना बनाई गई थी फिर अमृतपाल कैसे भाग गया लेकिन उसके सभी लोग गिरफ्तार कर लिए गए. हमें पुलिस की कहानी पर भरोसा नहीं है.
हालांकि कोर्ट के सवाल पर पंजाब सरकार ने कहा था कि पुलिस के पास भले ही हथियार थे, लेकिन हमें बल प्रयोग करने से रोक दिया गया. कुछ मामले इतने संवेदनशील होते हैं. हम कोर्ट में उसकी व्याख्या नहीं कर सकते. हम अमृतपाल को अरेस्ट करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.