कर्नाटक के कोप्पल जिले में रेलवे रोड ओवरब्रिज के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और बीजेपी के बीच क्रेडिट लेने की लड़ाई खुलकर सामने आ गई. रविवार को कोप्पल तालुक के हितनाल गांव के पास आयोजित कार्यक्रम में भारी हंगामा देखने को मिला.
हितनाल-गिनीगेरा-मुनीराबाद रेलवे रोड ओवरब्रिज (एलसी-77 के स्थान पर) के शिलान्यास के लिए रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे. इसी दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई. हालात इतने बिगड़ गए कि केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना को घेरने की कोशिश भी की गई.
बीजेपी-कांग्रेस में क्यों हुआ विवाद?
विवाद की वजह कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन और कार्यक्रम के बैनरों पर प्रभारी मंत्री शिवराज तंगड़ागी और कांग्रेस सांसद राजशेखर हितनाल के नाम न होना बताया जा रहा है. इसी मुद्दे पर दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए.
स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब मंत्री सोमन्ना ने अपने संबोधन के दौरान 'पार्टी बटालियन' शब्द का इस्तेमाल किया. इसके बाद विरोध तेज हो गया, कुर्सियां उछाली गईं और कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. रेलवे पुलिस को भीड़ को काबू में करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. कांग्रेस और बीजेपी के नेता सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे से भिड़ते नजर आए.
पांच मिनट में ही शिलान्यास करके निकल गए मंत्री
हंगामे के बावजूद वी. सोमन्ना ने पूजा की, शिलान्यास किया और महज पांच मिनट के भीतर कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए. उनके जाने के बाद भी कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच बहस और तनाव जारी रहा.
यह प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज अंजनाद्री हिल और हुलिगेम्मा मंदिर तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, लेकिन रविवार का यह कार्यक्रम विकास के बजाय राजनीतिक टकराव के कारण चर्चा में रहा.