कर्नाटक की विधानसभा में इन दिनों जनता के मुद्दों से ज्यादा चर्चा आईपीएल (IPL) के टिकटों की हो रही है. राज्य के विधायकों का मानना है कि वे खास हैं और आम जनता की तरह कतार में खड़े होकर क्रिकेट मैच का टिकट खरीदना उनकी शान के खिलाफ है. मामला इतना बढ़ गया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के विधायकों ने सुर में सुर मिलाते हुए मांग कर दी कि उन्हें चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मैचों के लिए मुफ्त VIP टिकट दिए जाएं.
कांग्रेस विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने इस मांग की अगुवाई करते हुए साफ कहा कि विधायकों को ऑनलाइन टिकट खरीदने के लिए कहना उनका अपमान है. उन्होंने तर्क दिया कि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) सरकार से सुरक्षा और अन्य तमाम सुविधाएं तो लेता है, लेकिन जब बात सम्मान की आती है, तो विधायकों को नजरअंदाज कर दिया जाता है. उनका कहना है कि पिछली बार उन्हें आम जनता के साथ गैलरी में बैठना पड़ा था, जो उन्हें बिल्कुल रास नहीं आया.
कालाबाजारी का डर या VIP कल्चर की जिद?
विधायकों की इस मांग पर विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने भी मुहर लगा दी है. उन्होंने सरकार से कहा है कि हर विधायक के लिए कम से कम 4 VIP टिकटों का इंतजाम किया जाए. विधायक काशप्पनवर ने तो यहां तक कह दिया, 'हम VIP हैं और लाइन में नहीं लग सकते. ऑनलाइन टिकटों में भारी कालाबाजारी होती है, 5 हजार का टिकट 35 हजार में बिक रहा है. ऐसे में हमें अलग से सम्मानजनक सीट और कम से कम 5 टिकट मिलने ही चाहिए.'
हैरानी की बात यह है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच की कड़वाहट भी गायब दिखी. विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी इस मांग का समर्थन किया है. विधायकों का कहना है कि जब सरकार क्रिकेट एसोसिएशन को इतनी जमीन और सुविधाएं देती है, तो बदले में मंत्रियों और विधायकों के लिए खास इंतजाम क्यों नहीं होने चाहिए? अब फैसला डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के पाले में है, जिन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे इस बारे में क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों से बात करेंगे. बता दें कि 28 मार्च को बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच होने वाले मैच के साथ ही शहर में आईपीएल का खुमार चढ़ने वाला है, लेकिन उससे पहले विधायकों की इस 'टिकट पॉलिटिक्स' ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है.