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कर्नाटक: 'असम चुनाव में इस्तेमाल हो रहा पैसा', बीजेपी ने आबकारी विभाग पर लगाए 2500 करोड़ की रिश्वत के आरोप

कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर आबकारी विभाग में करीब 2500 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर उसे चुनावों में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने आबकारी मंत्री आर.बी. थिम्मापुर से इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लाइसेंसों के नाम पर करोड़ों की वसूली हो रही है.

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आर. अशोक ने कहा कि पुलिस विभाग राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और जेलों तक में ड्रग कारोबार चल रहा है. (File Photo: X@RAshokaBJP)
आर. अशोक ने कहा कि पुलिस विभाग राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और जेलों तक में ड्रग कारोबार चल रहा है. (File Photo: X@RAshokaBJP)

कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया है कि राज्य के आबकारी विभाग में करीब 2500 करोड़ रुपये की रिश्वत का लेनदेन हुआ है और इसी पैसे का इस्तेमाल चुनावों में किया जा रहा है. उन्होंने आबकारी मंत्री आर.बी. थिम्मापुर से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर. अशोक ने कहा कि सरकार हर विभाग को राजस्व वसूली का लक्ष्य देती है, लेकिन आबकारी विभाग में लाइसेंसों की खुलेआम नीलामी हो रही है. आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश नायक को लोकायुक्त पुलिस ने 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. इसके लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं.

'गांधी के आदर्शों को खत्म कर दिया'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल वीबी जी राम जी योजना के विरोध में कर रहे हैं. एक तरफ गांधी का नाम लिया जा रहा है, दूसरी तरफ राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश को नशे में डुबो दिया है और गांधी के आदर्शों को खत्म कर दिया है. आर. अशोक ने कहा कि अगर आबकारी विभाग के घोटाले के बाद भी मंत्री आर.बी. थिम्मापुर इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इसके लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार माना जाना चाहिए.

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लाइसेंस के नाम पर करोड़ों की रिश्वत का दावा

आर. अशोक ने दावा किया कि सीएल-7 लाइसेंस के लिए 1.25 करोड़ रुपये की रिश्वत तय है. 750 लाइसेंस के हिसाब से यह रकम 1225 करोड़ रुपये होती है. सीएल-2 लाइसेंस के लिए 1.5 करोड़ रुपये प्रति लाइसेंस रिश्वत ली जा रही है. 650 लाइसेंस से करीब 925 करोड़ रुपये बनते हैं. सीएल-9 लाइसेंस से 92 करोड़ रुपये की रिश्वत वसूली गई है. मिनी ब्रेवरी लाइसेंस से 2.5 करोड़ रुपये लिए गए हैं. कुल मिलाकर करीब 2500 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई है.

'असम चुनाव में इस्तेमाल हो रहा पैसा'

उन्होंने कहा, 'यह पैसा असम चुनाव के लिए भेजा जा रहा है. इससे जुड़ा एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें मंत्री या उनके बेटे को पैसे देने की बात कही गई है. यही इनका गांधी प्रेम है.' आर. अशोक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि आबकारी विभाग का पैसा महाराष्ट्र चुनाव में इस्तेमाल हो रहा है.

उन्होंने कहा कि गृह लक्ष्मी योजना में 5000 करोड़ रुपये, वाल्मीकि निगम के फंड और कोगिलु क्रॉस की 600 करोड़ रुपये की जमीन से जुड़े मामलों में बीजेपी ने घोटालों को उजागर कर पैसा बचाया है. अब आबकारी विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को आखिरी मुकाम तक ले जाया जाएगा.

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ड्रग माफिया को लेकर गंभीर आरोप

ड्रग माफिया को लेकर आर. अशोक ने कहा, 'विधानसभा सत्र में जब मैंने यह मुद्दा उठाया तो गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि कार्रवाई हो चुकी है. लेकिन कल खुद मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस विभाग की नाकामी उजागर कर दी. मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि जब महाराष्ट्र पुलिस यहां आई हुई है तो राज्य की पुलिस क्या कर रही है.' उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया में 180 लोग शामिल हैं. जेलों के अंदर भी ड्रग का कारोबार चल रहा है और इसमें पुलिस की मिलीभगत है. आर. अशोक ने आरोप लगाया कि पुलिस थाने कांग्रेस के दफ्तर बन गए हैं. पैसे देने पर मनचाही पोस्टिंग मिलती है.

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