पति शाम को बहुत उदास होकर घर लौटा
पत्नी- क्या हुआ जी...?
पति- आज हमारे ऑफिस की बिल्डिंग गिर गई और सारे लोग मर गए.
पत्नी- तो आप कैसे बचे...?
पति- मैं सिगरेट पीने बाहर गया हुआ था।
पत्नी- चलो शुक्र है भगवान का
थोड़ी देर में ही टीवी पर खबर आने लगी कि सरकार ने सभी मृतकों के परिवार वालों को 1-1 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है.
पत्नी गुस्से में - ना जाने तुम्हारी ये सिगरेट की आदत कब छूटेगी
कर्मचारी- सर बहुत बारिश हो रही है, क्या आज ऑफिस आना है?
बॉस- खुद ही सोच लो किससे दिनभर बेइज्जती करानी है... मुझसे या पत्नी से?
कर्मचारी- ठीक है सर... मैं आ रहा हूं
मरीज- मुझे बीमारी है कि खाने के बाद भूख नहीं लगती,
सोने के बाद नींद नहीं आती काम करूं तो थक जाता हूं
डॉक्टर- बहुत गंभीर बीमारी है, एक काम करो,
सारी रात धूप में बैठो जल्दी ठीक हो जाओगे
ऐसे ही मजेदार चुटकुले पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
एक बार सोनू ट्रेन में सफर कर रहा था
ट्रेन में बहुत भीड़ होने की वजह से वो एक गंजे आदमी के गोद में बैठ गया
आदमी (गुस्से में) - हां, हां! मेरे सिर पर आकर बैठा जा
सोनू - नहीं, अंकल मैं यहीं ठीक हूं,
वहां से फिसल कर गिरने का डर है
टीचर बच्चों का ग्रुप फोटो दिखाकर बोली- जब तुम बड़े हो जाओगे तो इस फोटो को देखकर कहोगे,
ये रहा गोलू जो अमेरिका चला गया, ये रहा सोनू जो लंदन चला गया और ये रहा संजू जो यहीं का यहीं रह गया
ये बात सुनकर संजू बोला- और ये रही हमारी मैडम जिनका देहांत हो गया
एक सज्जन आदमी ने एक सात साल की लड़की से पूछा -
तुम्हारे बाल वाकई बहुत सुन्दर हैं...
ये तुम्हे किससे मिले हैं, मम्मी या पापा से...?
लड़की ने बड़े सरल लहजे में उत्तर दिया,
जहां तक मेरा खयाल है, मुझे ये बाल मेरे पापा से मिले हैं, क्योंकि उनके सिर के सारे बाल गायब हैं...!
गौरव ने अपनी मां से कहा -
मां, आज मैंने एक लड़के की खूब धुनाई की...!
मां ने पूछा - क्यों बेटा...?
गौरव ने कहा - उसके पास मेरा पेन था, वह मांगने पर भी नहीं दे रहा था...!
मां ने कहा - लेकिन बेटा, तुम तो अपना पेन घर पर ही भूल गए थे...!
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)