> पिंटू- मैं तीर्थ यात्रा पर जा रहा हू......सोच रहा हूं दारू छोड़ दूं
चिंटू- यह तो बहुत अच्छी बात है.....इसमें सोचने की क्या जरूरत
पिंटू-- पर मेरे सारे दोस्त पीने वाले हैं, किसके पास छोडूं...
> किट्टू समोसे को खोलकर अंदर का मसाला ही खा रहा था
बिट्टू- अरे! तू पूरा समोसा क्यों नहीं खा रहा?
किट्टू- अरे, मैं बीमार हूं न इसलिए डॉक्टर ने बाहर की चीज खाने से मना किया है...
> रिंकू पेड़ पर उल्टा लटका हुआ था
टिंकू को उल्टा लटके हुए देख
रिंकू ने उससे पूछा- टिंकू भाई उल्टा क्यों लटके हुए हो?
टिंकू- अरे कुछ नहीं.....वो अभी मैंने सिरदर्द की गोली खायी थी ना, तो कहीं वो पेट में न चली जाए... इसलिए उल्टा लटका हुआ हूं....
> बिट्टू- अगर बचपन में मैंने मां की बात सुन ली होती
तो आज जिंदगी में बहुत काम आता
और मुझे ये सब दिन नहीं देखने पड़ते
चिट्टू- कौन सी बात, और क्या कहती थी तेरी मां?
बिट्टू-- जब बात ही नहीं सुना तो मुझे.....क्या पता कि मां क्या कहती थी....
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> एक चतुर महिला ने फेसबुक पर लिखा -
मन को वश में करना सीख रही हूं आजकल,
शिमला जाने का मन होता है तो शिमला मिर्च खा लेती हूं,
मसूरी जाने का मन होता है तो मसूर की दाल खा लेती हूं...
और उधमपुर जाने का मन होता है तो घर में उधम मचा देती हूं
> टीचर - बेटा, अगर सच्चे दिल से भगवान से प्रार्थना की जाए,
तो वो जरूर सफल होती है
गप्पू - रहने दीजिए सर, अगर ऐसा होता तो
आप मेरे सर नहीं, ससुर होते
> कवि का बेटा स्कूल में आया...
टीचर - व्हाट इज नाउन?
स्टूडेंट - अर्ज करता हूं...
कुत्ता भी होता है अपनी गली में किंग
वाह... वाह...
कुत्ता भी होता है अपनी गली में किंग
नाउन इज ए नेम ऑफ पर्सन प्लेस ऑर थिंग
> पति ने पत्नी को मैसेज किया- आज रात डिनर पर मेरे साथ कुछ दोस्त आ रहे हैं
अच्छा सा खाना बना देना
पत्नी का कोई जवाब नहीं आया
फिर पति ने दूसरा मैसेज किया- मेरी सैलरी ज्यादा हो गई है
अगले महीने तुम्हें सोने की अंगूठी लाकर दूंगा
पत्नी ने रिप्लाई किया- ओ माय गॉड, सच्ची...
पति- नहीं, वो तो मैं चेक कर रहा था कि मेरा पहला मैसेज मिला या नहीं
वरना तुम बोलोगी मुझे तो मैसेज मिला ही नहीं...
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)