टीचर: बताओ बच्चों, अगर धरती से 100 किलो सोना निकालो तो क्या बचेगा?
स्टूडेंट: सर… गड्ढा बचेगा!
मम्मी: बेटा, सुबह-सुबह मोबाइल मत चलाया करो, आंखें ख़राब हो जाएंगी!
बेटा: तो फिर आप सुबह-सुबह दूसरों के स्टेटस क्यों देखती हो?
मम्मी: ताकि पता चले किसकी आंखें पहले ख़राब होंगी!
बाप ने बेटे की तलाशी ली और कोट से सिगरेट और लड़कियों के नंबर निकले.
बाप- बहुत मारा और पूछा कब से चल रहा है यह सब?
बेटा- पापा यह कोट तो आपका है.
प्रेमी- कल मिलने क्यों नहीं आई?
प्रेमिका- क्योंकि कल हमारे घर ब्यूटीफुल ट्रैजिडी थी.
प्रेमी- ब्यूटीफुल ट्रैजिडी का मतलब?
प्रेमिका- सुंदरकांड
प्रेमी ने पकड़ लिया सिर!
राहुल एक बार बीमार होने पर अकेले अस्पताल गया...
डाक्टर ने उसे सूई लगाई और कहा-
चिंता मत करो, तुम्हें लेने तुम्हारे घर वाले आते ही होंगे..
राहुल- लेकिन वो तो सालों पहले मर चुके हैं.
डाक्टर- मुझे पता है, तुम बस इंतजार करो.
ऐसे ही मजेदार जोक्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
राजू (अपनी पत्नी से) – मेरी लड़ाई हुई है, पड़ोस के आदमी के हाथ में जो आया उसने उससे मुझे पीट दिया...
पत्नी- तो तुम भी मार आते दो-चार, तुम्हारे हाथ में कुछ नहीं था क्या?
राजू- मेरे हाथ में उसकी बीवी का हाथ था बस...
एक बार स्कूल में टीचर ने रमेश से पूछा
टीचर- बेटा, आगरा कहां पर है...
रमेश- सर, नहीं पता
टीचर- चलो फिर.. बेंच पर खड़े हो जाओ
रमेश- सर, कल मैडम ने भी किया था खड़ा, कोई आगरा नहीं दिखा मुझे.
एक बार सोनू अपनी गर्लफ्रेंड को घुमाने ले जाता है...
दोनों सुहाने मौसम में चाय पी रहे होते हैं, इतने में सोनू अपनी गर्लफ्रेंड से कुछ पूछता है...
सोनू की गर्लफ्रेंड- चुप करो, मुझे मौसम का आनन्द लेने दो...
सोनू- लेकिन मैं तो...
गर्लफ्रेंड- जो भी कहना है चाय पीने के बाद कहना
गर्लफ्रेंड- (चाय पीने के बाद)- कहो जो कहना था...
सोनू- तुम्हारी चाय में मक्खी गिरी हुई थी.
पत्नी- बहुत मोटे हो गए हो तुम.
पति- तुम भी तो कितनी मोटी हो गई हो.
पत्नी- पर मैं तो मां बनने वाली हूं .
पति- तो मैं भी तो बाप बनने वाला हूं!
टीचर (स्टूडेंट से)- सेमेस्टर सिस्टम से क्या फायदा है, बताओ?
स्टूडेंट- फायदा तो पता नहीं, पर बेइज्जती साल में दो बार हो जाती है.
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं हैं.)