अक्सर दुकानों पर हमें एक छोटा सा लेकिन दिलचस्प सवाल कंफ्यूज कर देता है- क्या 10 रुपये वाली 10 वाली कोल्ड ड्रिंक लेना ज्यादा फायदेमंद है या 70 रुपये वाली एक बड़ी 1 लीटर की कोल्ड ड्रिंक ? देखने में दोनों का दाम बराबर लगता है, लेकिन असली फर्क मात्रा (क्वांटिटी) में छिपा होता है. सबसे पहले समझते हैं 10 रुपये वाली कोल्ड ड्रिंक को. आमतौर पर 10 रुपये की एक छोटी कोल्ड ड्रिंक करीब 125 ml की होती है. अगर आप ऐसी 7 कोल्ड ड्रिंक लेते हैं, तो कुल मात्रा लगभग 875 ml हो जाती है.
पहला विकल्प: ₹10 में 125ml
मान लीजिए आपको ₹10 में 125ml का पैक मिल रहा है. अब अगर आप ₹70 खर्च करते हैं, तो इसका मतलब है कि आप ऐसे 7 पैक खरीद सकते हैं (क्योंकि 70 ÷ 10 = 7).
अब मात्रा का हिसाब लगाते हैं:
1 पैक = 125ml
7 पैक = 125 × 7 = 875ml
यानी ₹70 खर्च करने पर छोटे पैक से आपको कुल 875ml ही मिलेगा.
दूसरा विकल्प: ₹70 में 1 लीटर
अब अगर आप ₹70 में बड़ा पैक लेते हैं, तो उसमें आपको सीधे 1000ml (1 लीटर) मिलता है.
अब सीधी तुलना समझें:
छोटे पैक (₹10 वाले) से: 875ml
बड़े पैक (₹70 वाला) से: 1000ml
यहां साफ दिख रहा है कि ₹70 खर्च करने पर बड़ा पैक ज्यादा फायदेमंद है, क्योंकि इसमें आपको 125ml ज्यादा मिलता है. छोटे पैक में प्रति ml कीमत ज्यादा पड़ रही है, जबकि बड़े पैक में वही चीज कम कीमत में ज्यादा मात्रा में मिल रही है. इसलिए इस मामले में बड़ा पैक खरीदना ज्यादा समझदारी भरा फैसला है. इस गणित के हिसाब से ₹10 वाला 125ml पैक लेने पर नुकसान है, क्योंकि ₹70 खर्च करने पर इसमें 1 लीटर कोल्ड ड्रिंक आ जाएगी.
क्यों होता है ऐसा?
आमतौर पर बड़ी पैकिंग सस्ती पड़ती है, लेकिन कुछ मामलों में कंपनियां छोटे पैक को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए उसमें थोड़ा ज्यादा वैल्यू दे देती हैं, ताकि ग्राहक बार-बार वही खरीदे. इस खास उदाहरण में ₹10 वाला 150ml पैक लेना ज्यादा फायदेमंद है. यानी अगर आप समझदारी से खरीदारी करें, तो छोटी-छोटी बचत भी बड़ा फायदा दे सकती है.
क्या कहते हैं दुकानदार
दुकानदार रमेश कुमार का कहना है- अक्सर ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदारी करते हैं. रोजमर्रा में या तुरंत पीने के लिए लोग ₹10 वाले छोटे पैक ज्यादा खरीदते हैं, क्योंकि वह सस्ता लगता है और एक बार में खत्म भी हो जाता है. लेकिन जो लोग घर के लिए या ज्यादा मात्रा में लेते हैं, वे ₹70 वाला बड़ा पैक ही पसंद करते हैं, क्योंकि उसमें ज्यादा माल मिलता है और पैसे की बचत भी होती है. कुल मिलाकर छोटे पैक की बिक्री ज्यादा होती है, लेकिन समझदार ग्राहक बड़े पैक को चुनते हैं.