जब से मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू हुआ है तब से भारत के एनर्जी फील्ड की भी चर्चा हो रही है. वैसे तो भारत अपनी कच्चे तेल की करीब 90 फीसदी जरूरतों के लिए आयात पर ही निर्भर करता है, लेकिन भारत में भी तेल का उत्पादन किया जा रहा है. जमीन से तेल निकालने के मामले में राजस्थान सबसे आगे है, जहां कई तेल के कुए हैं. ऐसे में जानते हैं कि भारत में किस-किस राज्य की जमीन से तेल निकाला जा रहा है और सबसे ज्यादा तेल के कुएं कहां हैं. तो जानते हैं भारत के तेल उप्पादन के बारे में..
कहां से निकल रहा है सबसे ज्यादा तेल?
भारत में सबसे अधिक तटवर्ती यानी कच्चा तेल उत्पादन करने वाला राज्य राजस्थान है. राजस्थान का बाड़मेर बेसिन देश का सबसे बड़ा तटवर्ती तेल उत्पादक क्षेत्र है. वहीं, अगर समुद्री क्षेत्रों को शामिल किया जाए, तो मुंबई हाई (महाराष्ट्र तट के पास) भारत का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है, लेकिन राज्य स्तर पर राजस्थान अग्रणी है.
राजस्थान में चार तेल व गैस बेसिन है. राजस्थान में सबसे ज्यादा तेल बाड़मेर-सांचोर बेसिन से निकलता है, जहां हर रोज हजारों बैरल तेल निकल रहा है. हालांकि, यहां का उत्पादन भी लगातार कम हो रहा है, जो पहले रोजाना 80 से 1 लाख बैरल तेल का उत्पादन था जो अब कम हो गया है.

क्यों खास है बाड़मेर-सांचोर बेसिन?
बाड़मेर-सांचोर बेसिन देश के प्रमुख ऑनशोर तेल क्षेत्रों में शामिल है. यह भारत के कुल कच्चे तेल उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत तक योगदान देता है. बाड़मेर से 2009 में उत्पादन शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र ने राजस्थान सरकार को काफी राजस्व दिया है. इसमें मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या जैसे कई बड़े तेल क्षेत्र शामिल हैं. यहां से काफी मिलियन बैरल तेल निकाला जा रहा है और उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है.
राजस्थान में कुल बेसिन एरिया 1,26,000 स्क्वायर किलोमीटर है, जिसमें बाड़मेर-सांचोर का क्षेत्र 11,000 स्क्वायर किलोमीटर है और बीकानेर-नागौर का क्षेत्र 70,000 स्क्वायर किलोमीटर है. लेकिन, सबसे ज्यादा तेल उत्पादन बाड़मेर से हो रहा है. अगर यहां मौजूद तेल के कुओं की बात करें तो कई रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां करीब 300 वेल्स को ड्रिल किया जा चुका है, हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक डिटेल नहीं है.