चीन में शराब की बात हो और बाईजू का नाम न आए, ऐसा होना मुश्किल है. सदियों से चीन में लोग त्योहारों, शादी-पार्टियों और खास मौकों पर इसी पारंपरिक शराब को पीते आए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में बिकने वाली कुल शराब में 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी सिर्फ बाईजू की है. लेकिन अब धीरे-धीरे वहां लोगों की पसंद बदलती नजर आ रही है. दरअसल, चीन में अब युवा पीढ़ी विदेशी शराबों खासकर व्हिस्की की तरफ तेजी से आकर्षित हो रही है. यही वजह है कि दुनियाभर की बड़ी शराब कंपनियां चीन के बाजार में निवेश बढ़ा रही हैं.
आखिर क्या है बाईजू?
बाईजू चीन की पारंपरिक शराब है, जिसे अनाज को फर्मेंट करके बनाया जाता है. यह बेहद स्ट्रॉन्ग मानी जाती है और इसमें अल्कोहल की मात्रा 60 फीसदी तक हो सकती है. इसकी तुलना में सामान्य व्हिस्की या टकीला में करीब 40 फीसदी अल्कोहल होता है. चीन में यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा मानी जाती है. पारिवारिक समारोहो, बिजनेस मीटिंग और त्योहारों में लोग इसे बड़े गर्व से पीते हैं.
फिर क्यों बदल रही लोगों की पसंद?
विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन के युवा अब हल्की और इंटरनेशनल ड्रिंक्स को ज्यादा पसंद करने लगे हैं. खासकर बड़े शहरों में रहने वाले युवा, पढ़े-लिखे और मिडिल क्लास लोग व्हिस्की को एक मॉडर्न और स्टाइलिश ड्रिंक मानते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में चीन में व्हिस्की का बाजार करीब 2.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. आने वाले कुछ सालों में इसके और तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
सोशल मीडिया और लाइफस्टाइल का असर
चीन में सोशल मीडिया और बदलती लाइफस्टाइल भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रही है. इंस्टाग्राम, टिकटॉक और दूसरी सोशल मीडिया ऐप्स पर लोग विदेशी शराबों को लग्जरी लाइफस्टाइल से जोड़कर दिखाते हैं. युवा वर्ग अब सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि स्टेटस सिंबल के तौर पर भी व्हिस्की खरीद रहा है. कई लोग महंगी बोतलों का कलेक्शन भी कर रहे हैं, जिन्हें भविष्य में ज्यादा कीमत पर बेचने की उम्मीद रहती है.
चीन में खुल रहे व्हिस्की प्लांट
बढ़ती मांग को देखते हुए कई बड़ी विदेशी कंपनियां अब चीन में ही व्हिस्की बनाने लगी हैं. फ्रेंच कंपनी पर्नोड रिकार्ड और ब्रिटिश कंपनी डियाजियो जैसी बड़ी कंपनियों ने चीन में अपने नए प्रोडक्शन प्लांट शुरू किए हैं. इन कंपनियों का मानना है कि चीन आने वाले समय में दुनिया का सबसे बड़ा व्हिस्की मार्केट बन सकता है. अभी चीन में कुल शराब बाजार में व्हिस्की की हिस्सेदारी 2 फीसदी से भी कम है, इसलिए इसमें आगे काफी ग्रोथ की संभावना है.
क्या खत्म हो जाएगी बाईजू की लोकप्रियता?
हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि बाईजू की लोकप्रियता इतनी जल्दी खत्म नहीं होगी. यह चीन की संस्कृति और परंपरा से गहराई से जुड़ी हुई है. आज भी करोड़ों लोग त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों में इसे पसंद करते हैं. लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और ग्लोबल ट्रेंड्स की वजह से अब चीन का शराब बाजार तेजी से बदल रहा है. युवा पीढ़ी नए स्वाद और इंटरनेशनल ब्रांड्स को अपनाने लगी है. यही वजह है कि अब चीन में सिर्फ पारंपरिक शराब ही नहीं, बल्कि व्हिस्की जैसी विदेशी ड्रिंक्स का भी क्रेज तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है.