पर्व-त्योहार के दौरान नदियों को कितना झेलना पड़ता है, ये कोई यमुना से पूछे. मूर्ति विसर्जन हो से लेकर छठ पूजा तक यमुना में जिस तरह से पूजा का सामान प्रवाहित किया जाता है, उससे यमुना को खतरा हो सकता है. चिंता इस बात की कि सरकार भी कोई कोशिश नहीं करती.