सूर्य, चंद्रमा व गुरु के उच्च राशि में होने तथा मंगल व शुक्र का स्वगृही राशि में होना मंगलकारी योग का सृजन कर रहा है. इसके अलावा कृतिका व रोहणी नक्षत्रों का योग भी चंद्रमा के उच्च राशि में हो रहा है. इससे अक्षय तृतीया पर स्वार्थ सिद्धि का योग का सृजन हो रहा है, जो अति शुभ और मंगलकारी है.