छेड़खानी की बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट बेहद खफा है. कोर्ट का कहना है कि लड़कियों-महिलाओं की सुरक्षा उनका मौलिक अधिकार है और सरकारें उनकी सुरक्षा का इंतजाम करें.