देश की राजधानी दिल्ली में छोटेलाल नाम का व्यक्ति रात में 5 घंटे तक पत्नी की लाश के साथ सड़कों पर भटक रहा था. अंतिम संस्कार के लिए सुबह तक का इंतजार था. लेकिन न तो अस्पताल के मोर्चुरी में जगह मिली और न ही मकान मालिक ने घर में एंट्री ही दी.