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Kumbh 2019: अर्धकुंभ शब्द का पुराणों में कोई वर्णन नहीं: संतोष शुक्ल

Kumbh 2019: अर्धकुंभ शब्द का पुराणों में कोई वर्णन नहीं: संतोष शुक्ल

कुंभ पर आयोजित इंडिया टुडे के गोलमेज सम्मेलन के पहले सत्र में इंदिरा गांधी नैशनल सेंटर फॉर आर्ट्स के मेंबर ट्रस्टी भरत गुप्त, प्रयाग-दि साइट ऑफ कुंभ मेला के लेखक डी पी दूबे और जेएनयू के संस्कृत सेंटर के प्रोफेसर राम नाथ था और संतोष कुमार शुक्ल ने शिरकत की. इन शख्सियतों ने कुंभ के इतिहास और महत्व पर चर्चा की. इस अहम सत्र का संचालन अजीत कुमार झा ने किया. इस दौरान संतोष शुक्ल ने कहा कि अर्धकुंभ का कोई वर्णन ग्रंथों में नहीं है और इसे सुविधा के तौर पर कहा जाने लगा. जबकि ग्रंथो में प्रति 12 वर्ष में महाकुंभ और प्रतिवर्ष होने वाला कुंभ कहा जाता है.

In the first session of INDIA TODAY Round Table Conference on Kumbh,Bharat Gupta, member trustee of the Indira Gandhi National Center for Arts, DP Dube, Prayag The Site of Kumbh Mela and Professor Ram Nath of JNU Sanskrit Center and Santosh Kumar Shukla were present.During this, Santosh Shukla said that there is no description of Ardhakumbha and it has been called as a facility. In the Granths on every 12 years Maha Kumbh happens and the Kumbh happens every year.

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